योगी सरकार की ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीटकी नीति कोरोना संक्रमण की रोकथाम में उपयोगी: मुख्यमंत्री

सभी जनपदों में कोविड बेड की संख्या में निरन्तर वृद्धि के निर्देश

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार की ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीटकी नीति कोरोना संक्रमण की रोकथाम में अत्यन्त उपयोगी सिद्ध हो रही है। प्रदेश में कोविड संक्रमण के मामलों में तेजी से कमी आ रही है। पॉजिटिविटी दर में कमी तथा रिकवरी दर में निरन्तर वृद्धि हो रही है। उन्होंने कोविड-19 से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में लागू आंशिक कोरोना कफ्र्यू को 31 मई, 2021 की सुबह 700 बजे तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री यहां वर्चुअल माध्यम से एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पहली बार एक दिन में तीन लाख से अधिक टेस्ट सम्पन्न किए गए हैं। विगत 24 घण्टों में राज्य में 3,06,548 टेस्ट किए गए हैं। प्रदेश में अब तक 4 करोड़ 64 लाख 19 हजार 134 कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं।
कहा कि पिछले 24 घण्टों में कोरोना संक्रमण के 6,046 नये मामले प्रकाश में आये हैं। इसी अवधि में 17,540 कोरोना संक्रमित व्यक्तियों को उपचार के पश्चात डिस्चार्ज किया गया है। प्रदेश में अब कोरोना के कुल एक्टिव मामलों की संख्या 94,482 है। प्रदेश में 30 अप्रैल, 2021 को दर्ज एक्टिव मामलों की संख्या के सापेक्ष वर्तमान में 69.6 प्रतिशत की कमी आयी है। राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर में निरन्तर वृद्धि हो रही है। वर्तमान में रिकवरी दर बढ़कर 93.2 प्रतिशत हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए निगरानी समितियों द्वारा स्क्रीनिंग का वृहद अभियान संचालित कर प्रत्येक लक्षणयुक्त तथा संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति को मेडिकल किट उपलब्ध करायी जा रही है। रैपिड रिस्पाॅन्स टीम द्वारा लक्षणयुक्त तथा संदिग्ध संक्रमित व्यक्तियों का एण्टीजन टेस्ट किया जा रहा है। सभी जनपदों में मेडिकल किट एवं एण्टीजन किट की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी जनपद में इनकी कमी नहीं होनी चाहिए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनपदों में यह सुनिश्चित किया जाए कि निगरानी समितियों द्वारा लक्षण युक्त एवं संदिग्ध संक्रमित व्यक्तियों की स्क्रीनिंग के तत्काल बाद मेडिसिन किट का वितरण कर दिया जाए। हर जरूरतमन्द को दवा उपलब्ध हो जानी चाहिए। इस कार्य में कोई शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए। निगरानी समितियों द्वारा मेडिसिन की किट प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की सूची बनाई जाए। यह सूची आई0सी0सी0सी0 तथा क्षेत्र के सम्बन्धित जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने ब्लैक फंगस से प्रभावित व्यक्तियों के उपचार की पूरी व्यवस्था किए जाने के निर्देशों के अनुपालन के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि सभी जनपदों में ब्लैक फंगस के उपचार हेतु पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। ब्लैक फंगस के संक्रमण के उपचार की दवाओं की कमी कहीं भी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कानपुर, मेरठ, आगरा, मुरादाबाद, वाराणसी, गोरखपुर आदि जनपदों को केन्द्र बनाकर ब्लैक फंगस के संक्रमण के उपचार की दवाओं का वितरण कराया जाए। उन्होंने ब्लैक फंगस के उपचार की वैकल्पिक दवाओं के संबंध में विशेषज्ञों का परामर्श प्राप्त कर उपयोग किए जाने का निर्देश भी दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं का आधार है। इन स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखना आवश्यक है। सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर पर डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, मेडिकल उपकरण तथा आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। स्वास्थ्य केन्द्रों की साफ-सफाई एवं रंगाई-पुताई करायी जाए। समस्त कार्यवाही की नियमित माॅनिटरिंग के लिए विशेष टीम गठित की जाए। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के आॅपरेशन कायाकल्प की तर्ज पर स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग में भी अभियान चलाकर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किये जाने पर बल दिया। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केन्द्रों की सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के निर्देश भी दिये।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग अपने अपने-अपने भवनों के निर्माण कार्याें की नियमित मॉनिटरिंग करें। इसके लिए एक टीम लगाई जाए, जो निर्धारित समय सीमा में निर्माणाधीन बिल्डिंगों को पूर्ण कराए। उन्होंने कहा कि जो निर्माण पूर्ण हो गए हैं, उनके लिए मानव संसाधन सहित आवश्यक सामग्री की व्यवस्था कर यथाशीघ्र संचालित कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में 100 बेड के पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 (पीकू) का निर्माण किया जाना है। इस निर्माण कार्य को डेटलाइन तय करके त्वरित गति से पूर्ण कराया जाए। पीकू के निर्माण कार्य के साथ ही, पीडियाट्रिशियन, एनेस्थेटिक, टेक्नीशियन तथा पैरामेडिकल स्टाफ की ट्रेनिंग का चरणबद्ध कार्यक्रम भी संचालित किया जाए। वर्चुअल के साथ ही फिजिकल ट्रेनिंग की व्यवस्था भी की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने आज जनपद कानपुर नगर तथा इटावा का भ्रमण कर वहां कोविड प्रबन्धन कार्याें की मौके पर समीक्षा की। दोनों जनपदों की टीम ने अच्छा कार्य किया है, जिसे और बेहतर किया जा सकता है। वर्तमान में उ0प्र0 आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय, सैफई, इटावा में मात्र 200 कोविड बेड की व्यवस्था है, जिसका विस्तार किया जाना आवश्यक है। यहां कोविड बेड की संख्या को बढ़ाकर कुल 500 बेड किया जाए। इसके अन्तर्गत 100 बेड का पीकू वाॅर्ड, 100 बेड का पोस्ट कोविड वाॅर्ड तथा 100 बेड का डेडिकेटेड कोविड वाॅर्ड तैयार कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण के उपचार के लिए राज्य में कोविड बेड की संख्या में निरन्तर वृद्धि के निर्देश देते हुए कहा कि बढ़ाए गए बेड के लिए आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था भी की जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि कोविड बेड की संख्या में निरन्तर वृद्धि की जा रही है। विगत दिवस विभिन्न अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में बेड की संख्या में 171 की बढ़ोत्तरी हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी कार्यों का निष्पादन टीमवर्क के माध्यम से सामूहिक रूप से दायित्वों का वितरण कर किया जाना चाहिए। इससे कार्यों को त्वरित, व्यवस्थित  तथा जवाबदेही के साथ पूरा कराया जा सकता है। इसके दृष्टिगत जनपदों में सक्रिय और मेहनती मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती की जाए। इसी प्रकार राजकीय मेडिकल कॉलेजों में भी सक्रिय, मेहनती और जवाबदेह प्रधानाचार्य की नियुक्ति की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन की कार्यवाही व्यवस्थित, निर्बाध और प्रभावी ढंग से जीरो वेस्टेज को ध्यान में रखते हुए संचालित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि 01 जून, 2021 से प्रदेश के सभी जनपदों में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन कार्य प्रारम्भ किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि वैक्सीनेशन सेंटर पर वेटिंग एरिया एवं ऑब्जरवेशन एरिया की व्यवस्था रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए। ग्रामीण क्षेत्र में वैक्सीनेशन के कार्य को त्वरित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए कॉमन सर्विस सेण्टर को क्रियाशील रखा जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि कॉमन सर्विस सेण्टर में कोरोना वैक्सीनेशन हेतु निःशुल्क रजिस्ट्रेशन की कार्यवाही प्रारम्भ हो गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में ऑक्सीजन की पर्याप्त बैकअप के साथ उपलब्धता सुनिश्चित रहे। होम आइसोलेशन के मरीजों को भी सहजता से ऑक्सीजन की आपूर्ति बनी रहे। सभी अस्पतालों तथा मेडिकल कॉलेजों में बैकअप सहित ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता रहे।

बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश में ऑक्सीजन की मांग में निरन्तर कमी आ रही है। राज्य में पर्याप्त बैकअप के साथ ऑक्सीजन की उपलब्धता है। मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में निर्माणाधीन ऑक्सीजन संयंत्रों की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि इनकी निरंतर समीक्षा की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण कई बच्चों के माता-पिता का देहांत हो गया। ऐसे अनाथ एवं निराश्रित बच्चों के पुनर्वास के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को आयु के अनुसार वर्गीकृत करते हुए इनके भरण-पोषण और समुचित देखभाल की योजना बनाई जाए। कार्ययोजना तैयार करते समय नवजात शिशु, बालक, किशोर आदि आयु वर्ग की आवश्यकताओं का ध्यान रखा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजकीय अथवा पुलिस कर्मी की कोरोना या अन्य कारणों से मृत्यु की स्थिति में नियमानुसार परिवार के एक सदस्य का राजकीय सेवा में सेवायोजन किया जाए। ऐसे किसी भी कर्मी की देय धनराशि बकाया न रहे। प्रभावित कर्मी से सम्बन्धित सभी प्रकरणों का समय-सीमा में निस्तारण किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित प्रधानों एवं सदस्यों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम कोविड प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन करते हुए सम्पन्न कराया जाए। कार्यक्रम स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा प्रबन्ध करते हुए सुनिश्चित किया जाए कि भीड़भाड़ न हो तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन हो।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश में आंशिक कोरोना कफ्र्यू को सद्भावपूर्ण तथा प्रभावी ढंग से लागू किए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि अत्यन्त आवश्यक कार्य से घर से बाहर निकलने वाले लोगों द्वारा अनिवार्य रूप से मास्क का प्रयोग और दो गज की दूरी का पालन किया जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग करते हुए संक्रमण से बचाव के संबंध में लोगों को निरंतर जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग की कार्यवाही सुचारु ढंग से जारी रखी जाए। इस कार्य में फायर बिग्रेड के वाहनों का भी इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं फाॅगिंग की कार्रवाई कोरोना की रोकथाम के साथ-साथ विभिन्न संक्रामक रोगों को नियंत्रित करने में भी उपयोगी है।