यूपी सरकार की ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीटकी नीति से प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम में सफलता मिल रही: मुख्यमंत्री

प्रदेश के 61 जिलों को लाकडाउन से मिली छूट

 | 

न्‍यूज टुडे नेटवर्क। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार की ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीटकी नीति से प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रोकथाम में सफलता मिल रही है। पॉजिटिविटी दर में लगातार कमी तथा रिकवरी दर में निरन्तर वृद्धि से राज्य में कोविड संक्रमण के मामलों में आशानुकूल तेजी से कमी आयी है। इसके दृष्टिगत कोरोना संक्रमण के 600 से कम एक्टिव केस वाले जनपदों में आंशिक कोरोना कर्फ़्यू में आज 01 जून, 2021 की सुबह 700 बजे से छूट देने का निर्णय लिया गया है। वर्तमान में सोनभद्र, देवरिया, बागपत, प्रयागराज, बिजनौर तथा मुरादाबाद सहित प्रदेश के 61 जनपदों में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामले 600 से कम हैं, इन जनपदों में आंशिक कोरोना कफ्र्यू में छूट दी जा रही है। रात्रिकालीन तथा साप्ताहिक बन्दी सहित अन्य समस्त सम्बन्धित नियम इन जनपदों में प्रभावी रहेंगे।

Devi Maa Dental

मुख्यमंत्री वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यदि किसी जनपद में, जिसमें आंशिक कोरोना कफ्र्यू से छूट दी जा रही है, कोरोना के एक्टिव केस 600 से अधिक हो जाते हैं तो सम्बन्धित जनपद में दी गई छूट समाप्त हो जाएगी तथा अनुमन्य समस्त गतिविधियां पुनः प्रतिबंधित हो जाएंगी। जिन जनपदों में कोरोना के सक्रिय केस की संख्या 600 से अधिक है, वहां फिलहाल कोई छूट अनुमन्य नहीं होगी। जब इन जनपदों में स्वास्थ्य विभाग की प्रतिदिन की कोरोना रिपोर्ट के आधार पर कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की कुल संख्या 600 से कम हो जाएगी, तब इन जनपदों में भी सभी छूट स्वतः लागू हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के 600 से अधिक एक्टिव मामले वाले जनपदों में आंशिक कोरोना कफ्र्यू को प्रभावी तथा सद्भाव पूर्ण ढंग से लागू किया जाए। आंशिक कोरोना कफ्र्यू से छूट वाले जनपदों में भी भीड़-भाड़ की संभावना वाले तथा महत्वपूर्ण स्थलों पर पुलिस की उपस्थिति रहे। बाजारों, सब्जी, फल मंडी आदि स्थलों पर अनावश्यक भीड़-भाड़ ना होने दी जाए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम तथा पी0आर0वी0 के वाहनों के पब्लिक एड्रेस सिस्टम का इस्तेमाल करते हुए लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाव के संबंध में लगातार जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी दुकानों पर क्रेता व विक्रेता दोनों द्वारा मास्क का आवश्यक रूप से प्रयोग तथा दो-गज की दूरी का पालन हो। सैनिटाइजर की व्यवस्था भी रहे। स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन की गतिविधियां भी नियमित रूप से चलती रहें।

Bansal Saree

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए। कोरोना संक्रमण से मुक्त विभिन्न लोगों में अनेक कॉम्प्लिकेशंस देखने में आ रहे हैं। पोस्ट कोविड वार्ड में इन मरीजों के उपचार की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पोस्ट कोविड अवस्था में ब्लैक फंगस से संक्रमित रोगियों के उपचार के लिए पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ब्लैक फंगस के संक्रमण से प्रभावित सभी मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जनपदों में ब्लैक फंगस की दवाओं की उपलब्धता रहे। ब्लैक फंगस के उपचार के संबंध में वैकल्पिक दवाओं की भी व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के भविष्य के आकलनों को देखते हुए राज्य में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के लिये युद्ध स्तर पर प्रयास किए जाएं।

बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 1,497 मामले आए हैं। इसी अवधि में 5,491 संक्रमित व्यक्तियों का सफल उपचार करके डिस्चार्ज किया गया है। प्रदेश में 30 अप्रैल, 2021 को संक्रमण के अब तक के सर्वाधिक एक्टिव मामले 3,10,783 थे। वर्तमान में संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 37,044 हो गयी है। इस प्रकार विगत 30 अप्रैल के सापेक्ष अब एक्टिव मामलों में 88.1 प्रतिशत की कमी आ गयी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण से सम्बन्धित डाटा पोर्टल पर प्रतिदिन अपलोड किया जाना चाहिए। इस कार्य में शिथिलता ना बढ़ती जाए। शिथिलता बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में यह दर बढ़कर 96.6 प्रतिशत हो गयी है। पॉजिटिविटी दर में कमी तथा रिकवरी दर में निरन्तर वृद्धि से प्रदेश में कोरोना संक्रमण में कमी हो रही है। प्रदेश में पिछले 24 घण्टों में 3,12,677 कोविड टेस्ट किए गए हैं। इन टेस्ट में संक्रमण की पॉजिटिविटी दर 0.5 प्रतिशत रही है। प्रदेश में अब तक कुल 4 करोड़, 94 लाख, 09 हजार 446 कोविड टेस्ट किए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि सीरो सर्विलांस हेतु प्रदेश में आगामी 04 जून से व्यापक सर्वे का कार्य प्रारम्भ किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत राज्य के सभी 75 जनपदों के नगरीय एवं ग्रामीण इलाकों से सैंपल लिए जाएंगे। सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट, लखनऊ के सहयोग से प्रदेश में कोविड-19 की जीनोम सीक्वेंसिंग कराई जा रही है। इसके लिए अधिक संक्रमण वाले जनपदों से सैंपल सी0डी0आर0आई0 को उपलब्ध कराए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयास सफल रहे हैं। प्रदेश में संक्रमण निरन्तर कम हो रहा है। निगरानी समितियों द्वारा प्रत्येक लक्षण युक्त एवं संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति को मेडिकल किट उपलब्ध कराई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जरूरतमंद व्यक्तियों को मेडिसिन किट उपलब्ध हो जाए। इस कार्य में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेडिसिन किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए। बच्चों में वायरल बुखार आदि बीमारियों में उपयोग हेतु मेडिसिन किट की व्यवस्था कर शीघ्र निगरानी समितियों को उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के प्रयासों में और तेजी लायी जाए। सभी सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर के सुदृढ़ीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाए। इन स्वास्थ्य केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए एक व्यक्ति को जिम्मेदारी देकर कार्य व्यवस्थित, त्वरित तथा प्रभावी ढंग से संपन्न कराया जाए। साथ ही, मुख्यालय तथा जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा भी की जाए। इन स्वास्थ्य केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण में जनप्रतिनिधियों का सहयोग भी प्राप्त किया जाए। इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभी से पूरी सतर्कता बरती जाए। उपचार की व्यवस्था की भी समय से पूरी तैयारी कर ली जाए। ए0एन0एम0, आंगनबाड़ी व आशा कर्मियों के प्रशिक्षण की कार्यवाही पूरी कर ली जाए। सभी जनपदों में ‘108’ और ‘102’ नम्बर की एम्बुलेंस सेवाएं सुचारू एवं प्रभावी ढंग से कार्यशील रहनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 (पीकू) तथा नियोनेटल आई0सी0यू0  (नीकू) के निर्माण की कार्यवाही युद्ध स्तर पर की जाए। इंसेफेलाइटिस पर नियंत्रण के अनुभव का उपयोग करते हुए इन कार्यों को आगे बढ़ाया जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि पीकू एवं नीकू की स्थापना हेतु 20 जून, 2021 की तिथि निर्धारित की गई है। पीकू एवं नीकू के निर्धारित समय में निर्माण हेतु सभी मेडिकल कॉलेजों में 01-01 प्रभारी अधिकारी तैनात किए गए हैं। कोविड बेड की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है। विगत दिवस प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों में 120 बेड की वृद्धि हुई है। इसमें आइसोलेशन बेड के अलावा लगभग आई0सी0यू0 बेड भी शामिल हैं। मानव संसाधन में भी लगातार वृद्धि की जा रही है।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि पीडियाट्रिक स्किल हेतु आज लखनऊ एवं नोएडा में मास्टर ट्रेनर्स की ट्रेनिंग कराई जा रही है। 01 जून, 2021 से पीडियाट्रिक केयर ट्रेनिंग भी प्रारम्भ की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनपदों में उपलब्ध समस्त वेंटिलेटर कार्यशील अवस्था में रहें। खराब वेंटिलेटर की तुरन्त मरम्मत कराकर क्रियाशील किया जाए। जिन वेंटीलेटर की मरम्मत सम्भव नहीं है, उन्हें रिप्लेस किया जाए। वेंटिलेटर के संचालन के लिए आई0टी0आई0 में उपलब्ध टेक्निशियंस की ट्रेनिंग करा कर आवश्यकतानुसार तैनाती दी जाए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला अस्पताल तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में पीकू और नीकू की स्थापना की कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ाई जाए। जिला अस्पतालों तथा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर चिकित्सा कर्मी निर्धारित यूनीफाॅर्म/एप्रन में रहें, पोशाक पर नेम प्लेट भी लगी होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में राज्य में 465 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई है। अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा रीफिलर्स के पास पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन बैकअप उपलब्ध है। होम आइसोलेशन के मरीजों में ऑक्सीजन की डिमाण्ड में कमी आयी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना की कार्यवाही को त्वरित गति से आगे बढ़ाने के लिए जनपद तथा शासन स्तर पर नियमित समीक्षा की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन हेतु स्थापित सभी केन्द्र निरन्तर संचालित रहने चाहिए। कोविड वैक्सीनेशन की कार्यवाही जीरो वेस्टेज को ध्यान में रखकर संचालित की जाए। वैक्सीनेशन की कार्रवाई व्यवस्थित ढंग से की जानी चाहिए। वैक्सीनेशन सेंटर पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन आवश्यक रूप से हो। भीड़-भाड़ से बचने के लिए वेटिंग एरिया तथा ऑब्जरवेशन एरिया की व्यवस्था अवश्य होनी चाहिए। उन लोगों को ही वैक्सीनेशन सेण्टर पर बुलाया जाए, जिनका वैक्सीनेशन किया जाना है। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि कल, 1 जून, 2021 से सभी 75 जनपदों में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगों के वैक्सीनेशन का कार्य प्रारम्भ हो जाएगा। कल से ही प्रत्येक जनपद में 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के अभिभावकों के वैक्सीनेशन हेतु  अभिभावक स्पेशल बूथभी संचालित किए जाएंगे। बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री को बताया गया कि अब तक प्रदेश में 01 करोड़ 80 लाख 08 हजार 604 वैक्सीन की डोज एडमिनिस्टर की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग की कार्यवाही युद्ध स्तर पर जारी रखी जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर तथा घनी आबादी के क्षेत्रों में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं फाॅगिंग का विशेष अभियान संचालित किया जाए। इसी प्रकार सभी नगर निकायों में भी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर पर स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग का कार्य कराया जाए। जल-जमाव को रोकने के लिए नाले व नालियों की सफाई करा ली जाए। व्यापक रूप से स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन के कार्य हेतु फायर ब्रिगेड तथा गन्ना विभाग के वाहनों एवं मशीनों का उपयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी गेहूं क्रय केन्द्र कार्यशील रहे। किसानों को अपनी उपज के विक्रय में कोई असुविधा नहीं होनी चाहिए। गेहूं की सुचारू ढंग से खरीद के लिए बोरे आदि की पर्याप्त व्यवस्था रहनी चाहिए। एम0एस0पी0 के तहत खरीदे गए गेहूं के रखरखाव की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे बारिश की वजह से कोई नुकसान ना पहुंचे। एम0एस0पी0 के अन्तर्गत गेहूं खरीद तथा राशन की दुकानों से खाद्यान्न वितरण में कोविड प्रोटोकाॅल का पूर्ण पालन किया जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि अभी तक एम0एस0पी0 के तहत लगभग 40 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खाद्यान्न वितरण के दौरान राशन की दुकानों पर नोडल अधिकारी तैनात किए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में एथेनॉल प्लाण्ट की स्थापना हेतु सिंगल विण्डो प्रणाली पर आधारित ऑनलाइन व्यवस्था विकसित की जाए। इसके अन्तर्गत इच्छुक उद्यमियों के आवेदन पर 15 दिन के अन्तर्गत निर्णय लिया जाए। यह व्यवस्था भी की जाए कि 15 दिवस की अवधि में आवेदन पत्र पर स्वीकृति अथवा अस्वीकृति न प्राप्त होने की स्थिति में उद्यमी को डीम्ड स्वीकृति के आधार पर प्लाण्ट स्थापना की अनुमति होगी।