यूपी: मुख्यमंत्री ने कोविड नियंत्रण के प्रयासों को पूरी प्रतिबद्धता से जारी रखे जाने के निर्देश दिए

सूबे में उपयोगी सिद्ध हो रही ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीटनीति: मुख्यमंत्री

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कोविड नियंत्रण के प्रयासों को पूरी प्रतिबद्धता से जारी रखे जाने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार की ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीटनीति संक्रमण को नियंत्रित करने में अत्यन्त उपयोगी सिद्ध हो रही है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी दर में कमी एवं रिकवरी दर में लगातार वृद्धि से संक्रमण के मामलों में तेजी से कमी आ रही है।  

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मुख्यमंत्री आज रविवार को वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 2,287 नये केस आए हैं। इसी अवधि में 7,902 संक्रमित व्यक्तियों का सफल उपचार करके डिस्चार्ज किया गया है। राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में यह दर 96.1 प्रतिशत है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण की पॉजिटिविटी दर में भी कमी देखी जा रही है। राज्य में पिछले 24 घण्टों में 3,30,289 कोविड टेस्ट सम्पन्न किये गये। विगत 24 घण्टों में टेस्ट पॉजिटिविटी दर 0.8 प्रतिशत रही। प्रदेश में अब तक 4 करोड़ 87 लाख 56 हजार 628 कोविड टेस्ट किए जा चुके हैं। वर्तमान में प्रदेश में कोरोना के 46,201 एक्टिव मामले हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण इलाकों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए निगरानी समितियों द्वारा व्यापक स्क्रीनिंग का कार्य किया जा रहा है। साथ ही, प्रत्येक लक्षण युक्त एवं संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति को मेडिसिन किट दी जा रही है। किसी भी लक्षण युक्त तथा संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति तक निगरानी समिति सबसे पहले पहुंचती है। इसलिए निगरानी समितियों के पास पर्याप्त संख्या में मेडिकल किट उपलब्ध रहे, ताकि हर जरूरतमंद व्यक्ति को मेडिकल किट उपलब्ध हो जाए।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी जनपदों में पोस्ट कोविड वाॅर्ड की व्यवस्था रहे, जिससे मरीजों को पोस्ट कोविड अवस्था में होने वाले कॉम्प्लिकेशंस का समुचित उपचार उपलब्ध कराया जा सके। राज्य में ब्लैक फंगस की दवाओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ब्लैक फंगस के संक्रमण से प्रभावित सभी मरीजों को समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। ब्लैक फंगस के उपचार के लिए वैकल्पिक दवाओं की भी व्यवस्था कर मरीजों को उपलब्ध कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जनपदों में ब्लैक फंगस के संक्रमण की दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड बेड की संख्या में निरन्तर वृद्धि की जाए। साथ ही, इसके लिए आवश्यक मानव संसाधन की भी व्यवस्था की जाए। इसके लिए भर्ती की कार्यवाही तेजी व पारदर्शिता से सम्पन्न की जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि कोविड-19 के उपचार की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए उनके निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही की जा रही है। कोविड बेड की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है। विगत दिवस चिकित्सा शिक्षा विभाग में 70 बेड की वृद्धि हुई है। इसमें आइसोलेशन बेड के अलावा 44 आई0सी0यू0 बेड भी शामिल हैं। मानव संसाधन में भी लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के सम्बंध में भविष्य के आकलनों के दृष्टिगत मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है। इसके लिए अभी से कार्यवाही किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों एवं जनपदों में पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 (पीकू) तथा नीकू की स्थापना की कार्यवाही पर विशेष ध्यान दिया जाए। पीकू और नीकू के संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था करते हुए उनकी ट्रेनिंग का कार्य भी संपन्न कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के सभी सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर को सुदृढ़ बनाकर प्रभावी ढंग से क्रियाशील रखने के निर्देश दिए गए थे। इन सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था के साथ ही, मेडिकल उपकरणों के रख-रखाव, आवश्यक मानव संसाधन, पेयजल, शौचालय, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था सुचारू रहे। जो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर बनकर तैयार हो गए हैं उन्हें फंक्शनल कराया जाए। निर्माणाधीन स्वास्थ्य केंद्रों को शीघ्र पूर्ण करा कर संचालित कराया जाए। इनके लिए आवश्यकतानुसार मानव संसाधन की व्यवस्था भी की जाए।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों तथा हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर के सुदृढ़ीकरण का कार्य युद्ध स्तर पर प्रारंभ कर दिया गया है। सांसद व विधायकगण सहित विभिन्न जनप्रतिनिधियों से एक-एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोद लिए जाने का अनुरोध किया गया है। इसी प्रकार नगरीय निकायों के महापौर तथा चेयरमैन से भी शहरी क्षेत्रों के निकट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को गोद लिए जाने का अनुरोध किया जाए।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में राज्य में 513 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उपयोग की गई है। अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा रीफिलर्स के पास ऑक्सीजन का पर्याप्त बैकअप उपलब्ध है। होम आइसोलेशन के मरीजों में भी ऑक्सीजन की डिमाण्ड में कमी आयी है। मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना की कार्यवाही की नियमित समीक्षा की जा रही है। ऑक्सीजन संयंत्रों के निर्माण की प्रगति की जानकारी के लिए डैश बोर्ड बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि निजी अस्पताल मरीजों से उपचार का निर्धारित शुल्क ही लें। उन्हांेने निर्देशित किया कि मरीजों का शोषण करने वाले निजी अस्पतालों के विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाए। ऐसे अस्पतालों का लाइसेंस निरस्त कर उन्हें ब्लैक लिस्ट किया जाए तथा रिकवरी की कार्यवाही भी की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा जैसी आवश्यक सेवा की जरूरत होने पर उपलब्धता सुनिश्चित रहनी चाहिए। इस संबंध में कोई शिथिलता नहीं बरती जानी चाहिए तथा समय पर निर्णय लेकर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए त्वरित निर्णय लेकर कार्यवाही की जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘108’, ‘102’ आदि एंबुलेंस सेवाओं का निरंतर प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि अब तक प्रदेश में 01 करोड़ 76 लाख 67 हजार 710 वैक्सीन की डोज एडमिनिस्टर की गई है। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि कोविड वैक्सीनेशन की कार्यवाही व्यवस्थित, निर्बाध और सुचारु ढंग से जीरो वेस्टेज को ध्यान में रखकर संचालित की जाए। सभी वैक्सीनेशन सेंटर पर वेटिंग एरिया तथा ऑब्जरवेशन एरिया की व्यवस्था होनी चाहिए। वैक्सीनेशन सेंटर पर अनावश्यक भीड़-भाड़ ना हो। उन लोगों को ही वैक्सीनेशन सेंटर पर बुलाया जाए, जिनका वैक्सीनेशन किया जाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण सहित विभिन्न संक्रामक बीमारियों की रोकथाम में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन के कार्य की प्रभावी भूमिका है। वर्षा काल में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग की कार्यवाही का विशेष महत्व है। इसके दृष्टिगत इस कार्यवाही को प्रभावी ढंग से जारी रखा जाए। सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों, हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर तथा घनी आबादी के क्षेत्रों में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं फाॅगिंग का विशेष अभियान संचालित किया जाए। जलजमाव को रोकने के लिए नाले व नालियों की सफाई करा ली जाए। स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन के कार्य में फायर ब्रिगेड तथा गन्ना विभाग के वाहनों एवं मशीनों का उपयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कफ्र्यू का प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए। घर से बाहर निकलने वाले लोगों को मास्क का इस्तेमाल और दो-गज की दूरी के नियम का पालन करने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम का व्यापक पैमाने पर प्रयोग करते हुए जागरूक एवं प्रेरित किया जाए। पुलिस द्वारा निरन्तर पेट्रोलिंग के माध्यम से आंशिक कोरोना कफ्र्यू को और प्रभावी बनाया जाए। कोरोना संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा आंशिक कोरोना कफ्र्यू के पालन के संबंध में पी0आर0वी0 वाहनों ‘112’ के पब्लिक ऐड्रेस सिस्टम का व्यापक उपयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी गेहूं क्रय केन्द्र प्रभावी ढंग से कार्यशील रहंे। अपना गेहूं बेचने में किसी किसान को कोई समस्या पेश नहीं आनी चाहिए। गेहूं क्रय में अनियमितता मिलने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि उनके (मुख्यमंत्री जी) निर्देशानुसार लघु एवं सीमान्त किसानों से गेहूं खरीदने के लिए सप्ताह के 04 दिन आरक्षित किए गए हैं। सप्ताह के शेष दिनों में सभी किसान गेहूं क्रय केंद्रों पर अपने गेहूं की बिक्री कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी जून माह में राज्य सरकार द्वारा गरीबों को निःशुल्क राशन वितरण किया जाना है। इस कार्य को व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं। प्रत्येक राशन की दुकान पर एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी पात्र लोगों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध हो जाए। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न वितरण के दौरान कोविड प्रोटोकाॅल का पूर्णतया पालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा काल में गो आश्रय स्थलों पर बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गो आश्रय स्थल पर कीचड़ ना रहे। गोवंश के लिए पर्याप्त चारे की उपलब्धता रहे। सूखे चारे के साथ ही हरा चारा भी गोवंश को उपलब्ध कराया जाए। गोबर से ऊर्जा प्राप्त करने हेतु लखनऊ के कान्हा उपवन एवं वाराणसी के आराजी लाइन्स में स्थापित किए जा रहे संयंत्रों की कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाया जाए। 300 से अधिक गोवंश वाले गो आश्रय स्थलों से प्राप्त होने वाले गोबर का ऊर्जा जनरेशन में उपयोग करने के संबंध में कार्य योजना बनाई जाए।