UP BOARD: यूपी बोर्ड में 30 प्रतिशत कम हुआ पाठ्यक्रम, बचे हुए पाठ्यक्रम को इन तीन भागों में किया गया विभाजित

यूपी बोर्ड (UP Board) की नौवीं से बारहवीं तक के पाठ्यक्रम को शासन ने 30 प्रतिशत कम कर दिया है। और बचे हुए 70 प्रतिशत पाठ्यक्रम को तीन भागों में पढ़ाया जाएगा। कोरोना महामारी (Corona Epidemic) के कारण शैक्षणिक सत्र 2020-21 स्कूलों में कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है, कक्षाएं ऑनलाइन (Online
 | 
UP BOARD: यूपी बोर्ड में 30 प्रतिशत कम हुआ पाठ्यक्रम, बचे हुए पाठ्यक्रम को इन तीन भागों में किया गया विभाजित

यूपी बोर्ड (UP Board) की नौवीं से बारहवीं तक के पाठ्यक्रम को शासन ने 30 प्रतिशत कम कर दिया है। और बचे हुए 70 प्रतिशत पाठ्यक्रम को तीन भागों में पढ़ाया जाएगा। कोरोना महामारी (Corona Epidemic) के कारण शैक्षणिक सत्र 2020-21 स्कूलों में कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है, कक्षाएं ऑनलाइन (Online classes) संचालित हो रही हैं। लेकिन संसाधनों के अभाव में ऑनलाइन पढ़ाई की हालत अच्छी नहीं है, इसी कारण पाठ्यक्रम (Syllabus) को कम किया गया है।

Devi Maa Dental

UP BOARD: यूपी बोर्ड में 30 प्रतिशत कम हुआ पाठ्यक्रम, बचे हुए पाठ्यक्रम को इन तीन भागों में किया गया विभाजित

उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा (Deputy CM Dr. Dinesh Sharma) ने बताया कि 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम कम किया गया है। और शेष 70 प्रतिशत पाठ्यक्रम को तीन भागों में बांट कर पूरा किया जाएगा। पहले भाग में पाठ्यक्रम का भाग शामिल किया जाएगा जिसे कक्षावार, विषयवार और अध्यायवार वीडियो बनाकर ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा। साथ ही उनको स्वयंप्रभा चैनल (Swayam Prabha Channel) व डीडी यूपी (DD UP) से प्रसारित किया जाएगा। दूसरे भाग में पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा जिससे विद्यार्थी स्वयं पढ़कर पूरा कर सकते हैं। और तीसरे भाग में वह पाठ्यक्रम होगा जिसे प्रोजेक्ट के जरिए पूरा किया जा सकता है।

Bansal Saree

http://www.narayan98.co.in/

UP BOARD: यूपी बोर्ड में 30 प्रतिशत कम हुआ पाठ्यक्रम, बचे हुए पाठ्यक्रम को इन तीन भागों में किया गया विभाजित

https://youtu.be/yEWmOfXJRX8

विषय विशेषज्ञों द्वारा शैक्षणिक पंचांग के अनुसार वार्षिक एकेडमिक कैलेंडर (Annual Academic Calendar) बनाया जाएगा। इसके अनुसार पढ़ाई, मूल्यांकन, जिला, मंडल और राज्यपाल मॉनिटरिंग की जाएगी। विषय विशेषज्ञों से कक्षावार, विषयवार और अध्यायवार के प्रश्न बैंक तैयार कराकर माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। उनका मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक मूल्यांकन भी किया जाएगा।