एनसीसी को ऐच्छिक विषय के तौर पर चुन सकेंगे स्‍नातक के छात्र, यूजीसी ने ये दी है व्‍यवस्‍था

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यू.जी.सी.) ने उच्च शिक्षण संस्थानों/महाविद्यालयों में एन0सी0सी0 को ऐच्छिक विषय के तौर पर पढाये जाने हेतु नई शिक्षा नीति के तहत अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। 21वीं वाहिनी बरेली के कमान अधिकारी कर्नल अनुराग शर्मा ने बताया कि एन0सी0सी0 महानिदेशक द्वारा एनसीसी को नई शिक्षा नीति में बतौर कोर्स/विषय शामिल करने की सिफारिश की गयी थी जिसे यू0जी0सी0 द्वारा स्वीकार कर अपनी मंजूरी प्रदान कर दी गयी है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के निर्देशानुसार देश भर के सभी सरकारी/निजि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में एन0सी0सी0 एक ऐच्छिक विषय के रूप में शामिल किया जायेगा। कोर्स में कुल छः सेमेस्टर होंगे तथा इसके अन्तर्गत आठ चेप्टर थ्योरी, छः प्रेक्टिकल एवं दस कैम्प के होंगे।

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कर्नल अनुराग शर्मा ने बताया कि रू0वि0वि0 के कुलपति/कुलसचिव से इसी वर्ष से एनसीसी को ऐच्छिक विषय के रूप में प्रारम्भ करने के सम्बन्ध में वार्ता की जायेगी। जिससे इच्छुक छात्र-छात्राओं को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होने बताया कि विद्यार्थियों में अनुशासन, चरित्र निर्माण एवं निःस्वार्थ सेवा भाव विकसित करने का कार्य एनसीसी वर्ष 1948 से लगातार कर रही है। एनसीसी को कोर्स का हिस्सा बनाने की मांग काफी समय से की जा रही थी। विश्वविद्यालय/महाविद्यालयों के स्नातक के विद्यार्थी अब एनसीसी को एक विषय के रूप में चुन सकेंगे। भारतीय सेना जैसे गौरवमयी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए एनसीसी एक महत्वपूर्ण विषय साबित होगा। गौरतलब है कि हाईस्कूल एवं इन्टर के विद्यार्थी भी एनसीसी की पढाई कर सकंेगे। एनसीसी को उ0प्र0 शासन ने वैकल्पिक विषय के रूप में मान्य कर दिया है इसकी परीक्षाऐं यू0पी0 बोर्ड करायेगा।