योगी सरकार की ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीटकी नीति से प्रदेश में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में प्रभावी सफलता मिली

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार की ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीटकी नीति से प्रदेश में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में प्रभावी सफलता मिल रही है। पॉजिटिविटी दर में लगातार कमी तथा रिकवरी दर में निरन्तर वृद्धि हो रही है। राज्य में कोविड संक्रमण के मामलों में आशानुकूल तेजी से कमी आयी है। उन्होंने कोविड-19 से बचाव और उपचार की व्यवस्थाओं को इसी प्रकार प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिए हैं।

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मुख्यमंत्री आज बुधवार को वर्चुअल माध्यम से आहूत एक उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 3,371 नए मामले आए हैं। इसी अवधि में 10,540 संक्रमित व्यक्तियों का सफल उपचार करके डिस्चार्ज किया गया है। प्रदेश में 30 अप्रैल, 2021 को संक्रमण के अब तक के सर्वाधिक एक्टिव मामले 3,10,783 थे। वर्तमान में संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 62,271 हो गयी है। इस प्रकार विगत 30 अप्रैल के सापेक्ष एक्टिव मामलों की संख्या में लगभग 80 प्रतिशत की कमी आयी है।

मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि राज्य में कोरोना संक्रमण की रिकवरी दर में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में यह दर बढ़कर 95.1 प्रतिशत हो गयी है। प्रदेश में पिछले 24 घण्टों में रिकाॅर्ड 3,58,243 कोविड टेस्ट किए गए हैं। यह न केवल प्रदेश में एक दिन में किए गए सर्वाधिक कोरोना टेस्ट हैं, बल्कि सम्पूर्ण देश में एक दिन में सम्पन्न सर्वाधिक कोरोना टेस्ट हंै।

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मुख्यमंत्री ने इतनी बड़ी संख्या में टेस्ट को संक्रमण की रोकथाम में उपयोगी बताते हुए कहा कि प्रतिदिन लगभग इतने टेस्ट की संख्या को बरकरार रखने का प्रयास किया जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि इन टेस्ट में संक्रमण की पॉजिटिविटी दर 01 प्रतिशत से भी कम रही है। प्रदेश में अब तक कुल 4 करोड़ 77 लाख 20 हजार 695 कोविड टेस्ट किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों को संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए वृहद जांच अभियान सफलतापूर्वक चलाया जा रहा है। निगरानी समितियों द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में संक्रमण निरन्तर कम हो रहा है। निगरानी समितियों द्वारा मेडिकल किट के वितरण की कार्यवाही निरंतर और प्रभावी ढंग से जारी रखी जाए। लक्षण युक्त एवं संदिग्ध संक्रमित व्यक्तियों को मेडिकल किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा सेक्टर के प्रभारी अधिकारी को जवाबदेह बनाया जाए। यह अधिकारी हर लक्षण युक्त एवं संदिग्ध संक्रमित व्यक्ति को मेडिकल किट की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि बच्चों के लिए अलग से मेडिकल किट तैयार कर निगरानी समितियों को उपलब्ध कराने का प्रबंध हो रहा है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निगरानी समितियों द्वारा मेडिकल किट के वितरण के साथ ही, संबंधित व्यक्तियों की सूची बनाई जाए। यह सूची इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कन्ट्रोल सेन्टर (आई0सी0सी0सी0) तथा जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए। आई0सी0सी0सी0 द्वारा मेडिकल किट प्राप्त करने वाले व्यक्तियों से किट की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्राप्त करने के साथ ही, उनका कुशलक्षेम भी लिया जाए। जनप्रतिनिधिगण द्वारा भी मेडिकल किट प्राप्त करने वाले व्यक्तियों के साथ संवाद स्थापित कर उनका हालचाल प्राप्त किया जाए।

मुख्यमंत्री ने राज्य में ब्लैक फंगस की दवाओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए कहा कि ब्लैक फंगस के संक्रमण से प्रभावित सभी मरीजों को दवा उपलब्ध कराई जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी जनपदों में ब्लैक फंगस की दवाओं की उपलब्धता रहे। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इस संक्रमण की दवा की कालाबाजारी न होने पाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण की सम्भावित थर्ड वेव की रोकथाम के लिए मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है। इसके लिए अभी से कार्यवाही किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इंसेफेलाइटिस पर सफल नियंत्रण के अनुभव का उपयोग करते हुए कोरोना संक्रमण की भविष्य में किसी भी आशंका से निपटने की तैयारी की जानी चाहिए। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र के सभी सामुदायिक, प्राथमिक एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र तथा हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर को सुदृढ़ बनाकर प्रभावी ढंग से क्रियाशील रखा जाए। इन स्वास्थ्य केंद्रों के सुदृढ़ीकरण के लिए एक व्यक्ति को जिम्मेदारी देकर कार्य व्यवस्थित, त्वरित तथा प्रभावी ढंग से संपन्न कराया जाए। साथ ही, मुख्यालय तथा जनपद स्तर पर नियमित समीक्षा भी की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग में संचालित ऑपरेशन कायाकल्प की भांति जन सहयोग के माध्यम से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों तथा हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर में आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था तथा रखरखाव को बेहतर बनाया जाना चाहिए। इस सम्बन्ध में जनप्रतिनिधिगण का सहयोग प्राप्त करने का प्रयास किया जाए।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित जिला चिकित्सालयों सहित सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं के सम्बन्ध में समग्र जानकारी उपलब्ध कराने वाला एक मोबाइल एप विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी के अनुमोदन के उपरान्त इसे लॉन्च किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की आवश्यकता के दृष्टिगत कोविड बेड की संख्या में निरन्तर वृद्धि की जाए। आवश्यक मानव संसाधन की संख्या में भी लगातार बढ़ोत्तरी की जाए, इसके लिए भर्ती की कार्यवाही तेजी से सम्पन्न की जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि कोविड-19 के उपचार की व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए उनके निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही की जा रही है। कोविड बेड की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी की जा रही है। विगत दिवस प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों तथा अस्पतालों में 161 बेड की वृद्धि हुई है। इसमें आइसोलेशन बेड के अलावा लगभग 60 आई0सी0यू0 बेड भी शामिल हैं। मानव संसाधन में भी लगातार वृद्धि की जा रही है। विगत दिवस में 62 नए कर्मियों को भर्ती किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पीडियाट्रिक आई0सी0यू0 (पीकू) तथा निओनेटल आई0सी0यू0 (नीकू) के निर्माण की कार्यवाही युद्ध स्तर पर की जाए। इंसेफ्लाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभी से पूरी सतर्कता बरती जाए। उपचार की व्यवस्था की भी अभी से पूरी तैयारी कर ली जाए। ए0एन0एम0, आंगनबाड़ी व आशा कार्यकत्र्रियों के प्रशिक्षण की कार्यवाही पूरी कर ली जाए। सभी जनपदों में उपलब्ध समस्त वेंटिलेटर कार्यशील अवस्था में रहें। खराब वेंटिलेटर की तुरन्त मरम्मत कराकर क्रियाशील किया जाए। वेंटीलेटर के संचालन के लिए आई0टी0आई0 में उपलब्ध टेक्निशियंस की जनपदवार सूची बनाकर राज्य स्तर पर फिजिकली ट्रेनिंग कराई जाए। ट्रेनिंग के पश्चात इन टेक्नीशियन की आवश्यकतानुसार तैनाती दी जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि पीकू और नीकू की स्थापना की कार्रवाई तेजी से गतिशील है। सभी मेडिकल कॉलेजों में 50 बेड का आई0सी0यू0 तथा 50 आइसोलेशन के बेड तैयार किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों तथा रीफिलर्स के पास पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन बैकअप उपलब्ध है। होम आइसोलेशन के मरीजों में भी ऑक्सीजन की डिमाण्ड में कमी आयी है। विगत 24 घण्टों में राज्य में 663 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना की कार्यवाही को त्वरित गति से आगे बढ़ाने के लिए जनपद स्तर पर नोडल अधिकारी की तैनाती कर दैनिक समीक्षा की जाए। शासन स्तर पर भी ऑक्सीजन संयंत्रों की स्थापना के संबंध में नियमित समीक्षा की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि कोविड वैक्सीनेशन की कार्यवाही व्यवस्थित, निर्बाध और सुचारु ढंग से जीरो वेस्टेज को ध्यान में रखकर संचालित की जाए।  वैक्सीनेशन सेंटर पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन आवश्यक रूप से हो। सेंटर पर भीड़-भाड़ से बचने के लिए वेटिंग एरिया तथा ऑब्जरवेशन एरिया की भी व्यवस्था अवश्य होनी चाहिए। उन लोगों को ही वैक्सीनेशन सेंटर पर बुलाया जाए, जिनका वैक्सीनेशन किया जाना है। ग्रामीण क्षेत्र में वैक्सीनेशन कार्य को त्वरित और प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए कॉमन सर्विस सेण्टर (सी0एस0सी0) को सक्रिय कर वैक्सीनेशन हेतु रजिस्ट्रेशन हेतु उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि 1 जून, 2021 से सभी 75 जनपदों में 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लोगांे के वैक्सीनेशन का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इस संबंध में गाइडलाइन आज जारी कर दी जाएगी।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि उनके निर्देशानुसार प्रत्येक जनपद में 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के अभिभावकों के लिए वैक्सीनेशन हेतु अभिभावक स्पेशल बूथ बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी इलाकों से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में भी वैक्सीनेशन की व्यवस्था की जाए। सामान्यतया 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के अभिभावकों की आयु 22 से 44 वर्ष के बीच होती है। यह प्रमुख कामकाजी वर्ग है। इनके वैक्सीनेशन के विशेष प्रयास आवश्यक हैं। भविष्य में कोरोना संक्रमण से बच्चों के प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए इस वर्ग को चिन्हित कर वैक्सीनेशन प्रभावी ढंग से कराया जाए। उन्होंने कहा कि भविष्य में वैक्सीनेशन कार्य को व्यापक पैमाने पर संचालित कराने के लिए आवश्यक मैन पावर की व्यवस्था कर प्रशिक्षण आदि संपन्न करा लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग की कार्यवाही युद्ध स्तर पर जारी रखी जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर तथा घनी आबादी के क्षेत्रों में स्वच्छता, सैनिटाइजेशन एवं फाॅगिंग का विशेष अभियान संचालित किया जाए। इसी प्रकार सभी नगर निकायों में भी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हेल्थ एवं वेलनेस सेण्टर पर स्वच्छता, सैनिटाइजेशन तथा फाॅगिंग का कार्य कराया जाए। जल-जमाव को रोकने के लिए नाले व नालियों की सफाई करा ली जाए। स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन के कार्य में फायर ब्रिगेड तथा गन्ना विभाग के वाहनों एवं मशीनों का उपयोग किया जाए।

मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि विगत दिवस फायर ब्रिगेड के 394 फायर टेंडर्स ने स्वच्छता एवं सैनिटाइजेशन के कार्य में योगदान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंशिक कोरोना कफ्र्यू का प्रभावी ढंग से पालन कराया जाए। यह कार्यवाही सद्भाव पूर्ण होनी चाहिए। घर से बाहर निकलने वाले लोगों को मास्क के अनिवार्य प्रयोग तथा सोशल डिस्टेंसिंग अपनाने के सम्बन्ध में जागरूक करने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम का प्रभावी उपयोग किया जाए। इसके लिए इस व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी गेहूं क्रय केन्द्र कार्यशील रहें। एम0एस0पी0 के तहत गेहूं खरीद तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत खाद्यान्न का वितरण कोविड प्रोटोकाॅल के पूर्ण पालन के साथ सुचारु ढंग से किया जाए। सभी जनपदों में कम्युनिटी किचन का प्रभावी ढंग से संचालन किया जाए। डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था सुदृढ़ रखी जाए। औद्योगिक गतिविधियां सुचारू ढंग से संचालित रहें।