बरेली में ब्‍लैक फंगस के आठ केस निकलने से हड़कंप, दो मरीजों का निजी अस्‍पतालों में चल रहा इलाज

ब्लैक फंगस की चपेट में आए एक व्यक्ति का एसआरएमएस में हुआ ऑपरेशन

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आंख में ब्लाइंडनेस, सिर दर्द और चेहरे में सूजन बढऩे से सामने आ रहे हैं केस

न्‍यूज टुडे नेटवर्क। कोरोना संक्रमण के शिकार आइसीयू में भर्ती गंभीर संक्रमित और संक्रमण से उबरने के बाद नॉन कोविड मरीजों पर ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) ने हमला बोल दिया है। जिले में भी इसके मरीज मिलने शुरू हो गए हैं। बीते तीन दिनों से एसआरएमएस में ऐसे तीन लोगों को चिह्नित किया गया है। इनमें से एक की हालत खराब होने पर उसका ऑपरेशन भी किया गया। वहीं, पांच लोगों मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती हुए हैं। इस तरह जिले में कुल आठ लोग ब्लैक फंगस के शिकार मिले हैं।

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आंख, कान, नाक के बढ़े मरीज

एसआरएमएस के ईएनटी विभाग के हेड डा। रोहित शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से ब्लैक फंगस का डर लोगों में बढ़ा है। ऐसे में आंख, कान, नाक, गले के मरीजों की संख्या बढ़ी है। बताया कि चार मरीजों में ब्लैक फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) के लक्षण दिखाई दिए थे, जिनका ट्रीटमेंट शुरू किया गया है। इनमें से तीन तो बरेली के ही रहने वाले हैं, जबकि एक खटीमा उत्तराखंड का रहने वाला है। उनका इलाज शुरू करते हुए ही उनमें ब्लैक फंगस समझ आ गया था। उनके नाक और साइनस के हिस्से काले पड़ चुके थे। बताया कि बरेली के रहने वाले एक मरीज की आंख से दिखना बंद हो गया था, सिर में दर्द आदि की समस्या थी। दिक्कत बढ़ने पर उनका ऑपरेशन किया गया है। ऑपरेशन के बाद उनकी स्थिति सामान्य है, लेकिन अभी खतरे से बाहर नहीं हैं। बताया कि जिन तीन लोगों में ब्लैक फंगस मिला है, इसमें एक पोस्ट कोविड है, जबकि दो अन्य डायबिटीज के मरीज हैं। वहीं, मेडिसिटी अस्पताल के डॉ.राम सिंह कुशवाहा ने बताया कि उनके पास भी ब्लैक फंगस के दो केस बरेली, एक रामपुर, एक फर्रुखाबाद और एक शाहजहांपुर का भर्ती हुआ है। इनका नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है।

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पहले भी आते थे ब्लैक फंगस के केस

डॉ रोहित बताते है कि ब्लैक फंगस नया नहीं है पहले भी इसके केस आते थे। लेकिन इतनी बड़ी संख्या में एक साथ इसके केस पहली बार आ रहे हैं। इसकी वजह कोविड में चल रहे स्टेरायड ही हैं। जो मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देते हैं। बताया कि यह तीन केस ही नहीं, बल्कि कई अन्य लोग भी है, जिनमें ब्लैक फंगस के लक्षण है। फोन पर हुई बातचीत में उन्होंने सिम्टम बताए हैं। इसके चलते उन्हें जांच के लिए बुलाया है। कुछ जानने वालों ने भी कुछ मरीजों को भेजने की बात कही है।

स्वास्थ्य विभाग को भी देंगे सूचना

वहीं, स्वास्थ्य विभाग में सीएमओ की ओर से जारी आदेश के मुताबिक अब सभी निजी व सरकारी अस्पतालों को ब्लैक फंगस केस आने पर जानकारी विभाग को देनी होगी। ब्लैक फंगस के केस की सूचना देने के लिए आइडीएसपी डेटा मैनेजर संजय कुमार का मोबाइल नंबर जारी किया है। शनिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग के पास चार की रिपोर्ट पहुंची थी।