शाहजहांपुर: दवा व्‍यापारी को परिवार समेत आत्‍महत्‍या के लिए उकसाने वाला कातिल सूदखोर गिरफ़्तार

 | 

न्‍यूज टुडे नेटवर्क। शाहजहांपुर के कातिल सूदखोर को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। सूदखोर की प्रताड़ना से तंग आकर यहां दवा व्‍यापारी अखिलेश गुप्‍ता ने परिवार समेत आत्‍महत्‍या कर ली थी। घर में मिले तीन सुसाइड नोट और दवा व्‍यापारी के पिता अशोक गुप्‍ता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सूदखोर के खिलाफ हत्‍या का मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने सूदखोर अविनाश बाजपेयी के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच में उसने पुलिस को बताया है कि कैसे वह दवा व्यापारी अखिलेश गुप्ता को प्रताड़ित कर रहा था ?

Devi Maa Dental

दूसरे सूदखोरों से भी दिला दिया था कर्ज

करीब दो साल पहले दवा व्यापारी अखिलेश गुप्ता ने अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए अविनाश बाजपेयी के संपर्क में आया था। अविनाश ने तब जरूरत पड़ने पर अखिलेश को ब्याज पर 12 लाख रुपए दिए थे। पूछताछ में पता चला कि इसी 12 लाख रुपए की जमानत के नाम पर अविनाश ने दवा व्यापारी के घर की अपने नाम रजिस्ट्री करा ली थी। इसके बाद 12 लाख का कर्ज चुकाने के लिए दवा व्यापारी पर सूदखोर ने दबाव बनाना शुरू कर दिया था।

Bansal Saree

अखिलेश पर दबाव बनता देख 12 लाख का कर्ज चुकाने के लिए सूदखोर अविनाश ने एक एक करके कई लोगों से मोटे कमीशन पर दवा व्यापारी को ब्याज पर रुपए दिला दिये। जिसमें अखिलेश फंसता चला गया। चूंकि अन्य लोगों से ब्याज पर रुपए दिलाने वाले सूदखोर अविनाश का उसमें भी कमीशन होता था। सूदखोर के जाल में फंसे दवा व्यापारी ने एक साल में करीब 32 लाख रुपए सूदखोर अविनाश को दे दिए थे। उसके बावजूद सूदखोर अखिलेश से 70 लाख रुपये की मांग कर रहा था।

50 लाख के मकान की रजिस्ट्री कराई

पूछताछ के दौरान आरोपी सूदखोर ने पुलिस को बताया कि दो साल पहले 12 लाख रुपए दिये थे। तब जमानत बतौर दवा व्यापारी का करीब 50 लाख रुपए कीमत के घर की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली थी। उसके बाद चोरी छिपे घर का दाखिल खारिज भी करा लिया था। अब दवा व्यापारी खुद अपने घर के अंदर किरायेदार बन चुका था। जब 70 लाख रुपए सूदखोर ने दवा व्यापारी से मांगे तो दवा व्यापारी ने मना कर दिया।

कुछ दिन पहले सूदखोर ने दवा व्यापारी को घर खाली करने के लिए लीगल नोटिस भेजा था। साथ ही घर न खाली करने पर कब्जा करने की धमकी दी थी। इसके अलावा सूदखोर ने एक और आप्शन दवा व्यापारी को दिया था। घर को बचाने के लिए 70 लाख रुपये की मांग करने लगा। जिससे दवा व्यापारी बहुत ज्यादा परेशान हो गया था। आखिरकार सूदखोर से परेशान होकर दवा व्यापारी ने परिवार समेत आत्महत्या कर ली थी।