आज लखीमपुर पहुंच रहे राकेश टिकैत, मंत्री टेनी की गिरफ़्तारी से कम पर किसान मोर्चा मानने को राजी नहीं

12 अक्‍टूबर को अंतिम अरदास से शुरू हो जायेगा किसान मोर्चा का विरोध प्रदर्शन, देश भर में लेकर जायेंगे मृतकों के अस्थिकलश

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में संयुक्‍त किसान मोर्चा अब गृह राज्‍यमंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्‍तगी की मांग पर अड़ गया है। किसान मोर्चा ने स्‍पष्‍ट किया पूरे मामले में दोषी मंत्री की बर्खास्‍तगी से पहले मोर्चा के घोषित कार्यक्रम वापस नहीं होंगे। गौरतलब है कि किसान मोर्चा ने 12 अक्‍टूबर को तिकुनिया में मृत किसानों की अंतिम अरदास के लिए कार्यक्रम तय किया है इसमें यूपी दिल्‍ली हरियाणा और पंजाब समेत अन्‍य राज्‍यों के किसानों की बड़ी संख्‍या में पहुंचने की आशंका जतायी जा ही है।

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हालांकि पूरे कार्यक्रम को लेकर खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय हो गयी हैं। वह किसान नेताओं की नब्ज टटोलने में जुटी हैं, ताकि यह पता चल सके कि कहां से कितने किसान जा रहे हैं। ताकि उसी हिसाब से आगे की तैयारियां की जा सकें। यूपी पुलिस ने आंदोलन की आशंका के तहत पुलिसवालों की सभी छुटि्टयां रद्द कर दी हैं।

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत का कहना है कि सरकार से हमारी पहले दिन से मांग है कि अजय मिश्र उर्फ टेनी को तुरंत मंत्रिमंडल से बर्खास्त करके जेल भेजा जाए। अजय टेनी के मंत्री पद पर रहते हुए निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। इस बात को सर्वोच्च न्यायालय ने भी कहा है।

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टिकैत करीब 80 किसानों के साथ आज सोमवार सुबह साढ़े आठ बजे लखीमपुर खीरी के लिए गाजीपुर बॉर्डर से रवाना हो गए हैं। खीरी में तिकुनिया पहुंचने से पहले वह रास्ते में कई जगह किसानों से मिलेंगे। इससे पहले गाजीपुर बॉर्डर पर राकेश टिकैत ने कहा कि एक रास्ता आंदोलन का है, जहां किसान ढाक-पात के पत्तों पर खाना खाते हैं। दूसरा शाही रास्ता है, जहां चांदी की प्लेट में सोने की चम्मच से खाना मिलता है। किसानों को तय करना है कि वे कौन सा रास्ता चुनना पसंद करते हैं। उधर, सिंघु और टीकरी बॉर्डर से भी प्रमुख किसान नेता आज शाम तक खीरी के लिए निकल जाएंगे।