बवाल के बाद प्रतापगढ़ में छह बूथों पर दोबारा होगा मतदान, पुलिस को भगा कर लूट ली गयीं थीं मतपेटियां

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। यूपी में पंचायत चुनावों के दूसरे चरण में सेामवार को मतदान के दौरान जमकर बवाल हुआ। बवाल के बाद अब प्रतापगढ़ जिले में छह बूथों पर दोबारा चुनाव होंगे। प्रापगढ़ जिले में चुनावों के दौरान सर्वाधिक हिंसा हुयी थी। यहां मतदान शुरू होने के साथ सुबह से ही छिटपुट हिंसा हो रही थी। कई बूथों पर मतपत्रों में गड़बडि़यों पर ग्रामीणों ने हंगामा काटा। प्रतापगढ़ के मगरौरा ब्‍लाक के उतरास गांव में देर शाम बवाली लोग मतदान केन्‍द्रों से जा रही छह मतपेटियों को लूटकर भाग गए थे। बवाल के दौरान वहां मौजूद पुलिस भीड़ को काबू करने में नाकाम रही थी। बवाल इतना अधिक हो गया था कि कई पुलिस वालों ने रात के अंधेरे में भागकर अपनी जान बचायी। कई घंटे चले सर्च आपरेशन के बाद पुलिस ने पांच मतपेटियां बरामद की थीं। अब छह मतदान केन्‍द्रों पर दोबारा वोटिंग होगी।

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ग्रामीणों ने बताया कि उतरास गांव के स्कूल पर तीन बूथ बनाए गए थे। इसमें एक बूथ पर वोटरलिस्ट के मुताबिक 96 मतपत्र कम थे। लेकिन ग्राम प्रधान का चुनाव था तो सभी मतदाता परदेश से भी आ गए थे और लाइन में लगे थे। जब लोगों ने देखा कि मताधिकार से वंचित हो रहे है तो हंगामा शुरू कर दिया और देखते ही देखते बवाल खड़ा हो गया। पूरी रात पुलिस गायब मतपेटिका तलाशती रही आज सुबह 9 बजे किसी बच्चे ने जंगल की तरफ देखा तो ग्रामीणों की सूचना पर SO बरामदगी को पहुंचे।

इस पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड पत्नी को प्रधानी का चुनाव लड़ा रहा श्यामराज पटेल और उसका सहयोगी धनीराम बताया जा रहा है। इस बाबत पुलिस और प्रशासन के लोग कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया है।

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बवाल यही खत्म नहीं हुआ। इसी इलाके के चकमझानी पुर गांव में भी वोटिंग के दौरान जब पुलिस ने भीड़ को दौड़ाया तो करीब ढाई सौ से अधिक लोगों ने पुलिस और मतदान कार्मिकों के ऊपर हमला बोल दिया और जमकर पथराव किया। बसों में तोड़फोड़ की। मतपत्रों को भी लूट लिया गया। जिसके बाद पूरी रात पुलिसकर्मियों ने दबिश दिया और यहां से भी दर्जनभर लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर रही है। लूटे गए पूरे मतपत्र अभी तक बरामद नहीं हुए हैं।