दर्द: जीने के लिए बरेली की मेधावी बेटी सोफिया को चाहिए आक्‍सीजन, कोरोना काल में नहीं हो पा रहा इंतजाम  

सोफिया कई सालों से आक्‍सीजन पर ही जिंदा हैं, सोशल मीडिया पर परिवार ने की है मदद की गुहार

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साल 2020 में आक्‍सीजन सिलेण्‍डर के साथ दिया था हाईस्‍कूल का एग्‍जाम, टाप भी किया था  

इंजीनियर बनना चा‍हती है बरेली की बेटी सोफिया जावेद

न्‍यूज टुडे नेटवर्क। बरेली पढ़ लिख कर इंजीनियर बनने का सपना देखने वाली बरेली की सोफिया जावेद इन दिनों जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही हैं। ऑक्सीजन सिलेंडर न मिलने से उसका परिवार खासा परेशान है, सोफिया जावेद को फेफड़ों में दिक्कत है जिसके चलते वो 24 घंटे ऑक्सीजन पर ही रहती है, लेकिन इस वक़्त ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए उनके परिवार को दोगुने चौगुने रेट पर ऑक्सीजन खरीदनी पड़ती है।

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दरअसल बरेली के शाहाबाद इलाके की रहने वाली बेटी सोफिया के फेफड़े बेहद कमजोर हैं जो कि नार्मल रूप से आक्‍सीजन नहीं ले पाते हैं। सोफिया डाक्‍टरों की सलाह के बाद कई सालों से लगातार आक्‍सीजन सिलेण्‍डर पर ही रहती हैं। यहां तक कि दैनिक नित्‍य क्रिया के समय में आक्‍सीजन का सिलेण्‍डर का साथ ही रखना पड़ता है। साल 2020 में सोफिया ने हाईस्‍कूल की परीक्षा भी आक्‍सीजन सिलेण्‍डर के साथ ही दी थी। तब लोगों ने सोफिया के जज्‍बे और पढ़ाई के जुनून को खूब सराहा था।

अब कोरोना काल में आक्‍सीजन की किल्‍लत शुरू होने के बाद अब सोफिया का परिवार उनकी जिन्‍दगी के लिए बेहद चिंतित है। सोशल मीडिया पर भी परिजनों ने सोफिया के लिए सरकार और आम लोगों से मदद की गुहार की है लेकिन प्रतिदिन के लिए सोफिया को देने के लिए आक्‍सीजन का इंतजाम नहीं हो पा रहा है।

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आपको बता दें कि सोफिया जावेद ने 2020  में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी तो परिजन कॉलेज में ऑक्सीजन सिलेंडर साथ मे ले कर गए थे सोफिया ने स्कूल में टॉप किया था, सोफिया एक मेधावी छात्र है और भविष्य में वो इंजीनियर बनना चाहती है, लेकिन कोरोना महामारी के चलते ऑक्सीजन की कालाबाजारी से दाम इतला बढ़ गए हैं कि उनके परिजनों के लिए आक्‍सीजन खरीदना मुमकिन नहीं हो रहा है। अधिक दामों पर भी आक्‍सीजन उपलब्‍ध हो जाए इसकी कोई गारंटी भी नहीं मिल पा रही है।

अभी तक सोफिया का परिवार रिश्तेदारों और शुभचिंतकों से कहकर जैसे तैसे सिलेंडर की व्यवस्था कर लेता था, लेकिन अब बाजार में भी सिलेंडर नही मिल पा रहा है। कहीं मिलता भी है तो उसके दाम इतने अधिक होते हैं कि उस को खरीदना उनके बस से बाहर है, लेकिन सोफिया दो पल भी बगैर ऑक्सीजन के नहीं रह पाती है। सोफिया के साथ कुछ गलत न हो जाये इसके लिए सोफिया का परिवार मदद की गुहार लगा रहा है। ताकि बरेली की मेधावी छात्र सोफिया कोरोना महामारी में ऑक्सीजन की कालाबाजारी की भेंट न चढ़ जाए।