कोविड -19 के बचाव एवं प्रबंधन हेतु स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ऑनलाइन वेबिनार संपन्‍न

आगरा, लखनऊ, मेरठ और मिर्जापुर मंडल के कुल 2769 लोगों का उन्मुखीकरण
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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) - उत्तर प्रदेश द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड -19 के बचाव एवं प्रबंधन हेतु स्वछाग्रहियों और अन्य फ्रंट-लाइन वर्कर्स के लिए चलाये जारहे उन्मुखीकरण अभियान के अंतर्गत आज आगरा, लखनऊ, मेरठ और मिर्जापुर मंडल के कुल 2,769 लोगों (1891 -प्रतिभागी, 13-पनेलिस्ट  और 865 अलग से जुड़े थे) का उन्मुखीकरण पंचायतीराज विभाग और यूनिसेफ के विशेषज्ञों द्वारा जूम के माध्यम से किया गया। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी स्वछाग्रहियों और अन्य फ्रंट-लाइन वर्कर्स जैसे स्वछाग्रही, आशा, अनम, प्रधान, निगरानी समिति सदस्य और अध्यापक का मंडलस्तर पर उन्मुखीकरण यूनिसेफ के तकनिकी सहयोग से किया जारहा है जिसमें घर-घर निगरानी से लेकर अंतिम संस्कार के प्रोटोकॉल तक की जानकारी दी जा रही है।

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अभियान के तहत अब तक 15 मंडल के कुल 13,199 लोगों (1000-देवीपाटन, 1390-गोरखपुर, 500-वाराणसी, 1258-फैजाबाद, 1637-बरेली, 1292-बस्ती और चित्रकूट, 949-कानपुर और झांसी, 2404-अलीगढ़ और प्रयागराज 2,769-आगरा, लखनऊ, मेरठ और मिर्जापुर) का उन्मुखीकरण किया जा चुका है। श्री संजय चैहान - राज्य सलाहकार - स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) ने सहभागियों का स्वागत करते हुए उन्मुखीकरण का उद्देश्य बताया। उन्मुखीकरण का नेतृत्व  करते हुए श्री योगेन्द्र कटियार - नोडल अधिकारी -  पंचायती राज - उत्तर प्रदेश ने सहभागियों को उद्भोधित किया, साथ ही प्रदेश में कोविड -19 से बचाव के लिए चल रही गतिविधियों की जानकारी दी। उन्मुखीकरण में सभी मंडलों के उप निदेशक पंचायती राज अशोक कुमार साही (मिर्जापुर मंडल), परवेज आलम (आगरा मंडल), मनीष  कुमार (मेरठ मंडल), गिरीश चंद्र रजक  (लखनऊ मंडल) उपस्थित थे

जिन्होंने फ्रंट-लाइन वर्कर्स द्वारा महामारी में किये जा रहें कार्यों की प्रशंसा की, साथ ही उन्होंने कोविड प्रभावित व्यक्तियों के अंतिम संस्कार हेतु प्रोटोकॉल की जानकारी दी और यह भी बताया की कोविड प्रभावित व्यक्ति की मृत्यु पर 5000 रूपए का आर्थिक सहयोग सरकार द्वारा दिया जायेगा। यूनिसेफ के विशेषज्ञों द्वारा उन्मुखीकरण में सहभागियों को अनेक प्रकार की जानकारी दी गई जैसे कोविड -19 क्या  है, कैसे फैलता है, कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार, घर में आइसोलेशन के उपाय, कोविड -19 कचरे का सही प्रबंधन, कोविड -19 पोषण, आइसोलेशन और उपचार, कोविड -19 टीकाकरण एंड रजिस्ट्रेशन, स्वछाग्रहियों / आशा/अनम/प्रधान की भूमिका आदि। साथ ही प्रतिभागियों की कोविड -19 और टीकाकरण के बारे में शंकाओं और मिथकों को एक विशेष प्रश्न-उत्तर सत्र में दूर किया गया।

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यूनिसेफ की ओर से डॉ. निर्मल सिंह, नागेन्द्र प्रसाद सिंह, अनन्या घोषाल , डॉ. परवेज आलम, और श्रुति पाण्डेय द्वारा उन्मुखीकरण  किया गया। उन्मुखीकरण में मेरा गांव स्वच्छ गाँवअभियान के बारे में भी राज्य सलाहकार द्वारा बताया गया। मिशन निदेशक - स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) - उत्तर प्रदेश, द्वारा दैनिक आधार पर उन्मुखीकरण की समीक्षा की जा रही है । स्वछाग्रहियों के सहयोग के लिए विभिन्न प्रकार के उपयुक्त व्यवहार पर संचार सामग्री (विडियो, ऑडियो, पोस्टर्स, फ्लायर) भी सांझा की गई। अपेक्षा है कि उन्मुखीकरण दी गई जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड -19 के बचाव एवं प्रबंधन में अहम् भूमिका निभायेगी।