कांवड़ यात्रा पर यूपी से सुप्रीमकोर्ट ने कहा- आप दोबारा विचार करें, वरना हमें जरूरी आदेश देने होंगे

सुप्रीमकोर्ट ने यूपी सरकार को 19 जुलाई तक का वक्‍त दिया, उत्‍तराखंड में लग चुकी है रोक

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कांवड़ यात्रा पर केन्‍द्र और प्रदेश सरकार के अलग अलग निकल रहे हैं सुर

न्‍यूज टुडे नेटवर्क। यूपी में कांवड़ यात्रा को मंजूरी देने के फैसले पर सुप्रीमकोर्ट ने आज शुक्रवार को सुनवाई करते हुए यूपी सरकार से अपने फैसले पर एक बार फिर विचार करने को कहा। सुप्रीमकोर्ट ने कांवड़ यात्रा मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि हम आपको विचार करने का एक और मौका देना चाहते हैं। कोर्ट ने कहा कि आप सोचें विचार करें कि यात्रा की अनुमति देनी चाहिए या नहीं, अन्‍यथा हमें कोई आदेश देना होगा। सुप्रीमकोर्ट ने मामले में जवाब देने के लिए 19 जुलाई तक का समय दिया है। सुप्रीमकोर्ट ने कहा कि आप 19 जुलाई तक कोई फैसला करें अन्‍यथा हमें जरूरी आदेश देने होंगे।

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सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 21 के तहत सबको जीवन का मौलिक अधिकार है। हमको बताया गया की राज्य में सभी प्रकार के धार्मिक आयोजन पर रोक है। इसमें कावड़ यात्रा भी आती है।

केन्‍द्र और राज्‍य सरकार में अलग अलग मत

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सुनवाई से पहले केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार ने अपना जवाब सुप्रीम कोर्ट में दाखिल कर दिया है। इस दौरान केंद्र का जवाब योगी सरकार के फैसले से अलग है। केंद्र सरकार ने कहा है कि हरिद्वार से गंगाजल लेकर कांवड़ियों का अपने इलाके के मंदिर तक आना कोरोना के लिहाज से उचित नहीं। बेहतर हो कि टैंकर के जरिए गंगाजल जगह-जगह उपलब्ध करवाया जाए। वहीं, यूपी सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि सांकेतिक रूप से कावड़ यात्रा चलाई जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट स्‍वत: संज्ञान लेकर कर रहा सुनवाई

दरअसल, 13 जुलाई को योगी सरकार ने यूपी में 25 जुलाई से होने वाली कांवड़ यात्रा को मंजूरी दी थी। इसके लिए कोविड-19 प्रोटोकॉल के पालन की शर्त रखी थी। योगी सरकार के इस फैसले का सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था। सुनवाई के लिए 16 जुलाई यानी आज का दिन तय किया था। साथ ही केंद्र और यूपी सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था।

कोर्ट ने ये टिप्‍पणी की थी

जस्टिस रोहिंटन एफ नरीमन की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा था कि, हमने परेशान करने वाली खबर पढ़ी है कि यूपी सरकार कांवड़ यात्रा को मंजूरी दे रही है। जबकि उत्तराखंड सरकार ने रोक लगाई है।

उत्तराखंड सरकार ने लगायी है रोक

कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तराखंड सरकार पहले ही रोक लगा चुकी है। 13 जुलाई को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कांवड़ यात्रा स्थगित करने का आदेश दिया था। मुख्यमंत्री ने 22 जुलाई की सुबह से हरिद्वार की सभी सीमा सील करने का भी आदेश दिया है। इसमें यह बात भी साफ कही है कि कोई भी कावंड़िया हरिद्वार की सीमा में प्रवेश नहीं करेगा। अगर करता है तो उसके खिलाफ FIR दर्ज करने के साथ ही 14 दिन क्वारैंटाइन किया जाएगा। कांवड़ियों के वाहन सीज कर जब्त किए जाएंगे।