मेरठ: 45 हजार में बेच रहे थे जीवनरक्षक रेमेडिसिवर इंजेक्‍शन, पुलिस ने तीन को दबोचा

महामारी में भी नहीं पसीज रहा कालाबाजारियों का दिल

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। महामारी के संकट काल में भी कुछ लोग कालाबाजारी करने में जुटे हुए हैं। कोरोना इलाज में कारगर रेमेडिसिवर इंजेक्‍शन की कालाबाजारी के आरोप में यूपी के मेरठ जिले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ़्तार किया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी 45 हजार रूपए में रेमेडिसिवर का एक इंजेक्‍शन बेचने का प्रयास कर रहा था। यूपी सरकार के निर्देश पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी रोकने के लिए SSP के निर्देश पर मेरठ पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। पुलिस के मुताबिक सूचना मिली थी कि एक निजी नर्सिंग होम के कर्मचारी रेमडेसिविर इंजेक्शन को ब्लैक में बेच रहे हैं।

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सूचना पर थाना नौचंदी पुलिस और सर्विलांस की टीम ने आरटीओ पुल के पास से तीन युवकों को हिरासत में लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से तीन इंजेक्शन रेम​डेसिविर के मिले। पूछताछ में बताया कि वह एक इंजेक्शन 45 हजार रूपये में बेचने के प्रयाास में थे।

पुलिस ने बतााया कि गिरफ्तार तीनों अभियुक्त से फिलहाल पूछताछ की जा रही है कि यह इंजेक्शन उनको किस माध्यम से प्राप्त हो रहा है। गिरफ्तार अभियुक्तों में अदनान पुत्र जहीरूद्दीन नर्सिंग स्टाफ और डी फार्मा द्वितीय वर्ष का छात्र है। दूसरा आरोपी हाशिम पुत्र सिराजुद्दीन नीड का छात्र है, जबकि तीसरा आफताब पुत्र इसरार लैब टेक्नीशियन है। इनका एक साथी ताजिम पुत्र तनवीर निवासी मकान नंबर 9 मोहल्ला बनियापाड़ा थाना कोतवाली मेरठ जोकि शुभकामना हॉस्पिटल में OT इंचार्ज है वह फरार बताया गया है।

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