जम्‍मू कश्‍मीर में शहीद मयंक का पूरे राजकीय सम्‍मान के साथ अंतिम संस्‍कार, नम आंखों से लोगों ने दी विदाई

पाकिस्‍तान मुर्दाबाद के नारे लगे, जवान के सिर में गोली लगने से हुयी थी मौत

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। भारत पाकिस्‍तान बार्डर पर जम्‍मू कश्‍मीर में आतंकियों से हुयी मुठभेड़ में शहीद मेरठ के जवान मयंक विश्‍नोई का पार्थिव शरीर आज उन‍के गृहनगर मेरठ पहुंच गया। यहां पूरे राजकीय सम्‍मान के साथ उनका अंतिम संस्‍कार किया गया। उन्‍हें नम आंखों से विदाई देते समय लोगों ने पाकिस्‍तान मुर्दाबाद के नारे लगाये।

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शहीद की अंतिम झलक पाने के लिए सुबह से ही कंकरखेड़ा और आसपास के इलाके में लोग इंतजार कर रहे थे। पार्थिव शरीर घर के बाहर पहुंचा तो लोगों की आंखें नम हो गईं। उधर, परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। सेना के अधिकारी परिवार के लोगों को संभालते रहे। यहां से शहीद मेजर मयंक विश्नोई की अंतिम विदाई यात्रा शुरू होकर सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पहुंचेगी। जनप्रतिनिधि भी सांत्वना देने पहुंचे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मयंक की वीरता को नमन किया है।

उन्होंने परिवार को 50 लाख रुपए, एक सदस्य को नौकरी और जिले की एक सड़क को शहीद के नाम करने का ऐलान किया है। यह भी कहा, शहीद मयंक के परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।

शहीद की बड़ी बहन तनु ने बताया कि 27 अगस्त को कॉल करके मयंक ने बताया कि वह एक ऑपरेशन पर निकलने वाला है। हमें यह नहीं पता था कि वह अब तिरंगे में लिपटकर आएगा। बहन ने कहा, मयंक बचपन से ही देश की सेवा करने के लिए सेना में जाने की बात कहता था। सेना की वर्दी पहनकर फोन करके यही कहता था कि उसे देश के लिए कुछ करना है। रोते हुए तनु ने कहा, अब हम किसकी कलाई पर राखी बांधेगे?

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जवान के सिर में लगी थी गोली

मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र के शिवलोकपुरी निवासी रिटायर्ड सूबेदार वीरेंद्र विश्ननोई के बेटे मेजर मयंक विश्ननोई ( 30) आईएमए देहरादून से पासआउट हुए थे। वह जम्मू कश्मीर के शोपियां में राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात थे। 2017 में पहली पोस्टिंग मध्यप्रदेश के महू में हुई थी। 2019 में मेजर बने थे। वह कमांडो की ट्रेनिंग भी ले चुके थे।

27 अगस्त 2021 को जम्मू कश्मीर के शोपियां में आतंकियों से लोहा लेते हुए मेजर मयंक विश्नोई को सिर में गोली लगी। जिसके बाद सेना के अधिकारियों ने गंभीर हालत में मेजर को उधमपुर के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां मेजर मयंक की उपचार के दौरान मौत हो गई। पत्नी व अन्य परिजन उधमपुर चले गए थे। मेरठ स्थित घर पर दोनों बहन तनु, अनु और रिश्तेदार हैं।