लखनऊ: कैदी के बेटे को गोली मारकर सरेंडर करने थाने पहुंचा सिपाही

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। राजधानी लखनऊ में सिपाही ने कैदी के बेटे की गोली मारकर हत्‍या कर दी। कैदी का किडनी की बीमारी का इलाज चल रहा है उसी कैदी की सुरक्षा में सिपाही को तैनात किया गया है। हत्‍या करने के बाद सिपाही सीधे थाने पहुंचा और सरेंडर कर दिया। सिपाही बदायूं में का रहने वाला है उसकी तैनाती सीतापुर में है। बावर्दी कत्ल करके आए सिपाही से पूछताछ से पहले थाने में उसकी वर्दी उतरवाकर दूसरे कपड़े पहनाए गए। इसके बाद अफसरों के सामने पेश करके औपचारिक पूछताछ हुई। लेकिन लखनऊ पुलिस इसे हत्या नही बल्कि मानसिक अवसाद में उठाया गया कदम मान रही है।

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ये थी हत्‍या की वजह

सीतापुर के मिश्रिख निवासी ध्रुव कुमार हत्या के केस में सीतापुर जेल में बंद था। किडनी की बीमारी के इलाज के लिए 25 मई को उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया। सीतापुर पुलिस लाइन के सिपाही आशीष मिश्रा को उसकी सुरक्षा में तैनात किया गया था। पुलिस के अनुसार, ध्रुव का बेटा प्रवीण, सिपाही आशीष की कई शिकायत पुलिस विभाग से कर चुका था। वह अस्पताल में अक्सर उसे जान से मारने की धमकी देता था। बुधवार को वह तमंचा लेकर अपने पिता से मिलने अस्पताल आया था। यहां किसी बात पर सिपाही और प्रवीण के बीच हाथापाई हुई। इसके बाद प्रवीण अस्पताल से जाने लगा तो मेन गेट के पास फिर दोनों में भिड़ंत हो गई। आशीष का कहना है कि उसने प्रवीण का तमंचा छीनकर उसे गोली मार दी।

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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्यारोपी सिपाही आशीष वारदात के बाद थाने पहुंचा तो उसे भागने की बजाय खाकी पर भरोसा जताने के लिए शाबाशी दी गई। इसके बाद उसे अफसरों के सामने पेश किया गया। अधिकारियों ने बड़ी मासूमियत से उसकी गाल पर चपत लगाकर कहा कि क्या कर डाला बच्चे?

अफसरों ने सिपाही को पागल बताया

सिपाही की गोली के शिकार प्रवीण की लाश पोस्टमार्टम हाउस भी नहीं पहुंची थी कि पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर ने हत्यारोपी सिपाही आशीष को पागल करार दे दिया। सिपाही आशीष ने किस वजह से प्रवीण को गोली मारी कमिश्नर ने इसका खुलासा करने की बजाय कहा कि सिपाही मानसिक विक्षिप्त लग रहा है। जबकि न तो सीतापुर पुलिस की तरफ से कमिश्नर को ऐसी कोई जानकारी दी गई थी न उसका कोई मेंटल सर्टिफिकेट उनके पास था।