लखनऊ: संकट में मरीजों को मिल नहीं रही ये सातों मिलकर कर रहे थे आक्‍सीजन की कालाबाजारी

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। यूपी में रेमेडिसिवर इंजेक्‍शन और आक्‍सीजन की कालाबाजारी रूकने का नाम नहीं ले रही है जबकि महामारी के दौर में जरूरतमंदों को बाजार में आसानी से जीवन रक्षक इंजेक्‍शन और आक्‍सीजन उपलब्‍ध नहीं हो पा रहे हैं। राजधानी लखनऊ में पुलिस ने मंगलवार को जीवनरक्षक इंजेक्‍शनों और आक्‍सीजन की कालाबाजारी में सात आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया। इनके पास से पुलिस ने खाली और भरे हुए 110 ऑक्सीजन सिलिंडर भी बरामद किए गए। दवाओं और ऑक्सीजन की कालाबाजारी को रोकने के लिए चल रही कार्रवाइयों में गोमतीनगर, गुडम्बा और नाका पुलिस ने 7 आरोपियों को पकड़ा है।

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शहर के गुडम्बा में बालाजी जीवनदायनी गैस के संचालक कल्याणपुर निवासी विष्णुजी और उसके साथी गोंडा निवासी विकास कुमार को पकड़कर इनके पास से 87 सिलिंडर और 100390 रुपये बरामद किए गए। गोमतीनगर पुलिस ने इकरार अली और आयुष शुक्ला को गिरफ्तार कर इनके पास से 18 ऑक्सीजन सिलिंडर बरामद किए। इसी तरह नाका कोतवाली पुलिस ने अनिल कुमार, साजिद और जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर 5 सिलिंडर पकड़े हैं।

कालाबाजारियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई

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पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर का कहना है कि दवाओं और ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ अभियान के तौर पर कार्रवाई चल रही है। एडीडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार के मुताबिक प्रदेश भर में ऑक्सीजन की कालाबाजारी के मामलों अभी तक 87 कार्रवाइयों में 89 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमे सबसे ज्यादा 36 मामले अकेले लखनऊ में सामने आए हैं।