जानिए, मथुरा में पुलिस पार्टी पर आखिर ऐसी क्‍या आफत आयी जो सिपाहियों ने अचानक बीच रास्‍ते कर डाली कई राउण्‍ड फायरिंग

मामला निपटाने के लिए पत्‍नी के साथ वोट डालने युवक को शांतिभंग में भेज दिया जेल

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। यूपी सरकार भले ही पुलिस का चेहरा सुधारने की कितनी ही कोशिश करे लेकिन अक्‍सर पुलिसकर्मी ही आपा खोकर ऐसा काम कर देते हैं जिससे महकमे की साख बढ़ने की बजाय और कम हो जाती है। यूपी के मथुरा जिले में पुलिस की गाड़ी को सड़क पर साइड नहीं मिला तो गाड़ी में सवार सिपाही ने अपना संतुलन खो दिया और खुलेआम फायरिंग शुरू कर दी। इतना ही नहीं साइड ना देने वाले युवक को ही उलटे शांति भंग के केस में फंसाकर जेल भेज दिया। युवक बाइक से पत्‍नी संग वोट डालने आया था। पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। वीडियो में सिपाही महज बाइक को रास्‍ते से ना हटा पाने के कारण जमकर फायरिंग करते हुए दीख रहा है।

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पूरी घटना मथुरा जिले के कोतवाली थाना राया के गांव अर्जुनिया में मतदान के दिन की है। बताया जा रहा है कि हरेंद्र अपनी पत्नी के साथ मतदान करने मोटरसाइकिल से आया हुआ था। तभी स्कॉर्पियो सवार पुलिसकर्मियों की हरेंद्र से साइड लेने देने को विवाद हो गया। विवाद होने के बाद मौके पर मौजूद सिपाही ने सरकारी रायफल से हवाई फायरिंग शुरू कर दी।

शांति भंग करने के आरोप में पुलिस ने भेजा जेल
हवाई फायरिंग करने से ऐसा लग रहा है मानो पुलिस के ऊपर कितनी आफत आ गयी हो और उसे जान बचानी भारी पड़ रही हो लेकिन तस्वीरे इसके जुदा थी। यहां तो दारोगा जी उलटा हरेंद्र को मारपीट करते हुए जबरदस्ती गाड़ी में बिठा रहे थे और सिपाही बेवजह फायरिंग कर मामले को तूल देने में लगा हुआ था। लोगों ने भी संयम का परिचय दिया और विवाद को शान्त कराया। पुलिस हरेंद्र को पकड़ कर थाने ले गई और शुक्रवार को उसे शांति भंग की धारा 151 में जेल भेज दिया ।

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परिजन ने लगाया बेवजह फायरिंग का आरोप
शुक्रवार को हुए इस मामले को लेकर यह वीडियो वायरल हो गया। जिसके बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा हो रहा है। वहीं हरेंद्र के भाई द्वारा बताया गया कि गाड़ी निकालने को लेकर ही पुलिस से विवाद हुआ था और इस दौरान पुलिसकर्मी द्वारा फायरिंग भी की गई थी जो बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। आखिर पुलिस कर्मी को हवाई फायरिंग की जरूरत क्यों पड़ी और जब हरेंद्र ने इतना बड़ा अपराध किया था तो फिर पुलिस ने मात्र 151 में ही उसका चालान क्यों किया।