कानपुर: कमिश्नरेट पुलिसिंग में भी नहीं सुधर रहे पुलिस वाले- बीयर कारोबारी को रात भर हवालात में ठूंसा, एक लाख लेकर छोड़ा, सस्पेेण्ड

न्यूज टुडे नेटवर्क। यूपी में सरकार द्वारा महानगरों में कमिश्नरेट पुलिस प्रणाली लागू करने के बाद भी दागदार अफसर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। अब नया कारनामा यूपी के कानपुर जिले में हुआ है। यहां पुलिस ने एक बीयर कारोबारी को रात भर हवालात में ठूंसे रखा। पुलिस की डिमांड पर जब
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कानपुर: कमिश्नरेट पुलिसिंग में भी नहीं सुधर रहे पुलिस वाले- बीयर कारोबारी को रात भर हवालात में ठूंसा, एक लाख लेकर छोड़ा, सस्पेेण्ड

न्‍यूज टुडे नेटवर्क। यूपी में सरकार द्वारा महानगरों में कमिश्‍नरेट पुलिस प्रणाली लागू करने के बाद भी दागदार अफसर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। अब नया कारनामा यूपी के कानपुर जिले में हुआ है। यहां पुलिस ने एक बीयर कारोबारी को रात भर हवालात में ठूंसे रखा। पुलिस की डिमांड पर जब पत्‍नी ने एक लाख रूपए घूस दी तब कहीं जाकर बीयर कारोबारी को छोड़ा गया। कानपुर के कल्‍याणपुर थाना क्षेत्र में पनकी रोड पर मोनू गौड़ की बीयर की दुकान है।

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उनकी ओर से आरोप लगाया गया है कि 28 मार्च को वे अपनी दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान मिर्जापुर निवासी सीनू ठाकुर उनकी दुकान पर आकर फ्री बीयर मांगने लगा। इनकार पर सीनू ठाकुर ने बदमाशों को बुलाकर दुकान में तोड़फोड़ कर उसकी पिटाई कर दी। पीडि़त घटना की जानकारी 112 नम्‍बर डायल कर पुलिस को दी, पुलिस दोनों पक्षों थाने ले गयी।

बीयर कारोबारी ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने मारपीट के दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उलटा उन्‍हें ही हवालात में ठूंस दिया। उसे छोड़ने के एवज में एक लाख की मांग की गई। इसकी जानकारी जब उनकी पत्नी प्रियंका को हुई तो देर रात किसी तरह एक लाख रुपए की व्यवस्था कर थाना प्रभारी कल्याणपुर जनार्दन प्रताप सिंह के खास सिपाही धीरेंद्र कुमार को दिया गया। इसके बाद मोनू गौड़ को पुलिस ने छोड़ दिया।

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दूसरे दिन पीड़िता ने घटना की शिकायत पुलिस कमिश्नर असीम अरुण से की। पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच करवाई तो जांच में कल्याणपुर प्रभारी व सिपाही दोषी पाए गए। थानाध्यक्ष ने रुपए लौटा दिया है। बुधवार देर रात पुलिस कमिश्नर ने थाना कल्याणपुर प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह और सिपाही धीरेंद्र को निलंबित कर दिया है।

ये कह रहे अफसर

पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया कि क्षेत्र में अपराध नियंत्रण व अराजकता रोकने में असमर्थ व रिश्वतखोरी की जांच दोषी पाए जाने पर प्रभारी निरीक्षक कल्याणपुर जनार्दन प्रताप सिंह व सिपाही धीरेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

पूरे प्रकरण की जांच अपर पुलिस उपायुक्त डाक्टर अनिल कुमार को दी गई है। कमिश्नर ने कहा कि भ्रष्टाचार, पक्षपात पूर्ण कार्रवाई व अपराध, गुंडागर्दी को रोकने में असमर्थ पुलिस कर्मियों का कोई स्थान नहीं है। भविष्य में भी इस तरह की शिकायतें पाए जाने पर दोषी पुलिस कर्मियों को दंडित किया जाएगा।