कानपुर डीएम बोले: डाक्‍टर या मेडिकल स्‍टाफ ने बिना कारण नौकरी छोड़ी तो कड़ी कार्रवाई करूंगा

प्राइवेट और सरकारी अस्‍पतालों के डाक्‍टरों और स्‍टाफ को मिली है प्रशास‍न की चेतावनी

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। यूपी के कानपुर जनपद में कोरोना संक्रमण से बचाव में लापरवाही और सेवाओं से मुंह मोड़ने वाले डाक्‍टरों और मेडिकल स्‍टाफ को डीएम ने कड़ी चेतावनी जारी की है। डीएम ने कहा है कि किसी भी डाक्‍टर या मेडिकल स्‍टाफ ने बिना ठोस कारण नौकरी छोड़ी तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश निजी अस्‍पतालों पर भी लागू होगा। दरअसल कोरोना संक्रमण की मार का डर अब धीरे धीरे डाक्‍टरों और मेडिकल स्‍टाफ पर भी छाने लगा है। सुनवाई है कि कोरोना संक्रमण के खतरे से घबराए डाक्‍टर और मेडिकल स्‍टाफ अब धीरे धीरे नौकरी छोड़ने का मन बना रहे हैं। कोरोना संक्रमण की लहर के दौरान ही यदि डाक्‍टरों व मेडिकल स्‍टाफ ने नौकरियां छोड़ीं तो समस्‍या और भी विकराल हो जाएगी। क्‍योंकि बिना डाक्‍टरों व मेडिकल स्‍टाफ के संक्रमण पर काबू नहीं पाया जा सकता।

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इस मामले की खबर लगते ही कानपुर का जिला प्रशासन बेहद सख्त हो गया है। आनन-फानन में जिलाधिकारी कानपुर नगर आलोक तिवारी ने मंगलवार देर रात डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ के लिए दिशानिर्देश जारी करते हुए साफ कह दिया है कि अगर कोरोना महामारी के दौरान कोई भी सरकारी या प्राइवेट डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटता है या फिर नौकरी छोड़ता है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। जांच के दौरान दोषी पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

कर्मी सैलरी बढ़ाने की मांग कर रहे तो डाक्‍टर घबराए हुए हैं

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कानपुर के स्वास्थ्य महकमे के सूत्रों की मानें तो दिन प्रतिदिन कानपुर में बिगड़ते हालात को देखते हुए अब कोविड सरकारी व प्राइवेट हॉस्पिटल में मेडिकल स्टाफ व डॉक्टरों की कमी होती जा रही है। और वही प्राइवेट अस्पतालों में डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ बिना बताए अस्पतालों से गायब हैं। कुछ लोग संकट के समय में मिल रही सैलरी से कई गुना अधिक सैलरी की मांग अस्पताल प्रबंधन से कर रहेे हैं और कुछ डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ अब अपनी सुरक्षा के बारे में भी सोचने लगे हैं।

ये बोले हैं कानपुर के डीएम

कानपुर के जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने बताया कि कोरोना महामारी के चलते डॉक्टरों की समाज के प्रति विशेष जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया और हमारे डॉक्टर्स समाज के प्रति विशेष जिम्मेदारी को बहुत अच्छे से निभा रहे हैं जिसके लिए हमारा समाज जीवन भर उनका आभारी रहेगा।

उन्होंने बताया कि अगर कोई ऐसी खबर आती है जिसमें कुछ सरकारी व प्राइवेट अस्पताल के डॉक्टर नौकरी छोड़कर इसलिए जा रहे हैं कि उन्हें कोविड पैंडमिक के दौरान काम ना करना पड़े। लेकिन उनकी जिम्मेदारी है जो उन्होंने सीखा और जो मेडिकल नॉलेज है उसका इस्तेमाल करें।

उन्होंने कहा कि इस कोरोना महामारी के दौरान कोई भी सरकारी या प्राइवेट डॉक्टर अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटता है और काम को इस वजह से छोड़ता है कि उसे कोविड पैंडमिक में काम ना करना पड़े या फिर हाई सैलेरी मांग रहे है।तो उसकी जांच करवाई जाएगी।अगर वो दोषी पाया जाता है।तो उसके खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जाएगी।