वेस्ट यूपी में सपा रालोद गठबंधन के उम्मीदवार बिगाड़ सकते हैं बीजेपी का खेल, मुस्लिम ओबीसी वोटर करेंगे फैसला

सपा रालोद गठबंधन के तहत सपा के 10 और रालोद के 19 उम्मीदवारों के नामों की पहली सूची जारी
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न्यूज टुडे नेटवर्क। वेस्ट यूपी में आज से विधानसभा चुनावों के नामांकन की प्रक्रिया आरंभ हो गयी है। यहां सपा रालोद ने गठबंधन के उम्मीदवारों की पहली सूची सामने आने के बाद भाजपाई खेमे में हलचल तेज हो गयी है। दरअसल सपा रालोद गठबंधन के तहत सपा के 10 और रालोद के 19 उम्मीदवारों के नामों की पहली सूची जारी की गयी है। राजनैतिक समीकरणों को देखते हुए वेस्ट यूपी में ओबीसी मुस्लिम फैक्टर चला तो बीजेपी के लिए दिक्कतें पैदा हो सकती हैं। गठबंधन के ये दावेदार भाजपा की सोषल इंजीनियरिंग पर भारी भी हो सकते हैं। सपा रालोद के उम्मीदवारों को ओबीसी और मुस्लिम वोटरों के समीकरण का इस बार भरपूर फायदा मिलने के आसार हैं।

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इन प्रत्याशियों में कांग्रेस के पुराने नेता पंकज मलिक से लेकर सपा के कद्दावर नेता शाहिद मंजूर और रफीक अंसारी का नाम भी है। मेरठ में शहर सीट पर गठबंधन ने सपा से पूर्व मंत्री और विधायक रफीक अंसारी को टिकट दिया है। इस सीट पर भाजपा नेता लक्ष्मीकांत वाजपेयी तीन बार विधायक रहे, लेकिन 2017 में मोदी लहर के बावजूद रफीक अंसारी से वाजपेयी चुनाव हार गए। रफीक को दोबारा टिकट देकर सपा ने मुस्लिम कार्ड खेला है।

बसपा पहले ही यहां ब्रहामण चेहरा उतार चुकी है, जिसके चलते हिंदू वोटों का नुकसान और सपा को फायदा मिलेगा। किठौर सीट पर गुर्जर और मुस्लिम में फाइट का समीकरण बन रहा है। कांग्रेस ने बबीता गुर्जर, बसपा ने केपी मावी को टिकट दिया है। सपा से पूर्व मंत्री शाहिद मंजूर यहां गठबंधन प्रत्याशी है। शाहिद का कद इस सीट पर मजबूत है। 2017 में मंजूर कम वोटों से भाजपा के सत्बीर त्यागी से हारे हैं। शाहिद मंजूर के राजनीतिक कद और मुस्लिम वोट बैंक के चलते सपा ने मंजूर को टिकट दिया है, हिंदू वोट बंटने से सपा को यहां फायदा होगा।

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