लाकडाउन की दहशत में एक एक महीने का राशन जमा करने को बाजारों में उमड़ रही भीड़, मोलभाव भी नहीं कर रहे लोग

खाद्द पदार्थों के दामों में उछाल, सब्जियों के दाम दोगुने हुए, प्रशासनिक अमले बेखबर

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। सूबे की जनता को प्रदेश में अघोषित लाकडाउन का डर सता रहा है। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पांच शहरों में पूर्ण लाकडाउन लगाने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद से सूबे की जनता में लाकडाउन की दहशत बैठ गयी है। सोमवार और मंगलवार को राजधानी लखनऊ समेत तमाम अन्‍य शहरों में लोग बाजारों में उमड़ पड़े और खाद्य पदार्थों समेत अन्‍य जरूरी चीजों का स्‍टाक करते देखे गए। कई दुकानदारों ने बताया कि लाकडाउन की दहशत से घबराए लोग घरों में पन्‍द्रह दिनों से लेकर एक एक महीने का राशन जमा कर रहे हैं। उधर लाकडाउन की दहशत का फायदा तमाम कालाबाजारियों ने बाजार में जरूरी चीजों के रेट भी बढ़ा दिए हैं।

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लाकडाउन की आशंका  को ही देखते हुए जमाखोर भी बाजार में सक्रिय हो गए हैं। बताया जा रहा है कि बड़े व्‍यापारी अधिक से अधिक जरूरी चीजों खाद्य सामग्रियों का स्‍टाक खरीदकर गोदामों को भर रहे हैं ताकि समय आने पर वे मनमाने दामों पर जरूरी चीजों की बिक्री कर सकें। इस संबंध में प्रदेश सरकार की ओर से हालांकि कोई बयान नहीं आया लेकिन लोगों ने एहतियातन घरों में सामान जमा करना शुरू कर दिया है। सोमवार और मंगलवार को राजधानी लखनऊ के बाजारों में मेले जैसा नजारा नजर आया।

लॉकडाउन की आशंका के तहत हर कोई घर से निकलकर राशन लेने के लिए किराना की दुकानों पर पहुंचा। दाल, चावल, चीनी, सरसों का तेल खाद्य मसालों वालों का स्टॉक लेकर लोग वापस आए। खास बात यह रही कि, किराना की दुकानों में कोई ज्यादा हिसाब किताब जोड़ता नजर नहीं आया। दुकानदार ने जो पर्चा बना कर दिया व कीमत चुकाई और सामान लेकर चलते बने। दिलचस्‍प बात यह है कि जमाखारों और कालाबाजारियों से लेकर बाजार की कीमतों पर प्रशासनिक अमले सोए नजर आए। बाजार में प्राइस कंट्रोल को लेकर किसी तरह की कोई छापेमारी कार्रवाई नहीं हो रही है।

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हुसैनगंज क्षेत्र के रहने वाले कई लोगों ने बताया कि जैसे ही हाईकोर्ट के निर्देश की सूचना मिली घरवालों ने कहा कि सारा काम छोड़कर सबसे पहले सामान खरीद कर लेकर आओ। सभी डरे हुए हैं ऐसा ना हो कि पिछली बार की तरीके से फिर से सब कुछ एकाएक बंद कर दिया जाए। किराना कारोबारी राहुल ने बताया कि शाम 5:00 बजे तक अचानक दुकान पर जबरदस्त भीड़ हो गई। शाम 7:00 बजे तक एक तिहाई दुकान खाली हो चुकी थी। महीने में आटे की दो बोरी लेने वालों ने 4 से 5 बोरी आटा खरीदा, दाल, चावल और मसालों के मामले में भी कुछ ऐसी ही स्थिति रही।

कोई मोल भाव नहीं, मुंहमांगी कीमत दे रहे लोग

लखनऊ शहर की मंडियों में एकाएक दाम दोगने तक पहुंच गए। किसी ने मोल भाव नहीं किया। कैसरबाग, निशातगंज और चारबाग की मंडियों में लोगों की भीड़ एकाएक पहुंची। ऐसा ही आलम कृष्णा नगर मंडी से और दुबग्गा मंडी का रहा। जहां सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ी, सब्जी विक्रेता हिमांशु सोनकर ने बताया कि एक घंटे के भीतर सारी सब्जियां बिक गई। आज ग्राहक ने ज्यादा मोलभाव भी नहीं किया। लोगों ने आलू और प्याज को खरीदा लोग 20 20 किलो तक आलू लेकर गए।