बिजनौर में दरोगा का RSS कार्यकर्ता से विवाद फिर जानलेवा हमला, समझौते का दबाव बना तो इस्‍तीफा दे दिया

इस्‍तीफा नामंजूर, सस्‍पेंड किया था फिर बहाल किया दरोगा, RSS कार्यकर्ता समेत दो आरोपी गिरफ़्तार

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। यूपी के बिजनौर में एक दरोगा ने नौकरी से इस्‍तीफा दे दिया है। दरोगा का आरएसएस कार्यकर्ता से विवाद हुआ था जिसके बाद दरोगा को पहले सस्‍पेंड किया गया था। इसी दौरान उनके ऊपर जानलेवा हमला भी किया गया था। दरोगा का नाम अरूण राणा है। हमले के आरोपियों पर अपने ही पुलिस विभाग विभाग द्वारा कोई कार्रवाई ना किए जाने से आहत दरोगा ने सोमवार को नौकरी से इस्‍तीफा दे दिया। दरोगा ने आरोप लगाया कि उनके ऊपर हुए जानलेवा हमले के मामले में राजनैतिक तौर पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि पुलिस अधीक्षक ने दरोगा का इस्‍तीफा नामंजूर करते हुए उसे तत्‍काल बहाल कर दिया। यही नहीं पुलिस महकमे की साख पर बट्टा लगता देख पुलिस ने आरएसएस कार्यकर्ता समेत हमले के दो आरोपियों को गिरफ़्तार भी कर लिया।

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चरित्र प्रमाण पत्र सत्‍यापन करने को लेकर विवाद हुआ था

इस मामले की शुरुआत 15 जुलाई से हुई। बिजनौर जिले में थाना हल्दौर की झालू पुलिस चौकी पर सब इंस्पेक्टर अरुण राणा तैनात थे। कस्बा झालू निवासी आरएसएस के खंड शारीरिक प्रमुख उमंग काकरान उस दिन अपने पिता रामेंद्र सिंह का चरित्र प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए पुलिस चौकी पर गए। सत्यापन रिपोर्ट गाने को लेकर उमंग और दरोगा के बीच कुछ विवाद हुआ। इस विवाद के चंद घंटे बाद एसपी ने अरुण राणा को पहले लाइन हाजिर और फिर सस्पेंड कर दिया।

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नामजद तहरीर दी मुकदमा अज्ञात पर हुआ

16 जुलाई को सब इंस्पेक्टर अरुण राणा ने बिजनौर पुलिस लाइन में उपस्दथिति दर्ज कराई। इसके बाद शाम को वह अपने कमरे पर जा रहे थे। रास्ते में चौकी पर विवाद करने वाले व्यक्ति और उसके साथियों ने सब इंस्पेक्टर पर हमला कर दिया। उन्हें अधमरा छोड़कर भाग गए। अरुण राणा ने बताया, CCTV फुटेज से उन्होंने आरोपी पहचान लिए। उन्हें नामजद करते हुए थाना हल्दौर में तहरीर दी। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने नामजद आरोपी होते हुए भी अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया।

दरोगा का आरोप समझौते का प्रेशर बनाया जा रहा

सब इंस्पेक्टर अरुण राणा ने बताया कि वह बार-बार सीओ और इंस्पेक्टर से आरोपियों की गिरफ्तारी के बाबत पूछते तो यही जवाब मिलता कि एसपी का इस बारे में कोई आदेश नहीं है। अरुण राणा के अनुसार, RSS के कुछ लोग और विभाग के अधिकारी उन पर लगातार समझौते का दबाव बना रहे थे। इससे त्रस्त होकर अरुण राणा ने सोमवार देर रात अपना इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे की कॉपी उन्होंने बिजनौर एसपी, आईजी मुरादाबाद, एडीजी बरेली जोन और डीजीपी को भेजी है।

इस्तीफा नामंजूर, दो आरोपी पकड़े : एसपी

बिजनौर एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि दरोगा का इस्तीफा नामंजूर करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से बहाल कर दिया है। समझौते के लिए दबाव बनाने जैसी कोई बात नहीं है। बल्कि पुलिस टीमें आरोपियों को तलाशने में जुटी हैं। दो आरोपी उमंग व भोलू गिरफ्तार कर लिए गए हैं। बाकी आरोपी भी जल्द पकड़े जाएंगे।