पति की मौत के 26 दिन बाद भी दुबई से भारत नहीं लाया जा सका शव, पत्‍नी ने सरकार से गुहार लगायी

प्रयागराज के युवक की दुबई में एक हादसे में मौत हो गयी थी

 | 

पूर्व प्रधानमंत्री विश्‍वनाथ प्रताप सिंह के पैत्रक गांव से जुड़ा है पूरा मामला

न्‍यूज टुडे नेटवर्क। यूपी की महिला के पति का शव पिछले 26 दिनों से दुबई में फंसा हुआ है। विदेश नीति के नियम कायदो के चलते 26 दिन गुजर जाने के बाद भी महिला को उसके पति का शव नहीं मिल सका है। पति की एक हादसे में दुबई में मौत हो गयी थी। पूरा मामला यूपी के प्रयागराज में पूर्व प्रधानमंत्री स्‍व विश्‍वनाथ प्रताप सिंह के पैतृक गांव रामगढ़ से जुड़ा हुआ है। रामगढ़ की इस बेटी की आंखों मे दिखने वाली उम्मीदे अब धीरे-धीरे ओझल होने लगी हैं। रोते-रोते आंखे पथरा गई हैं। लेकिन अपने सुहाग के अंतिम दर्शन और विधि विधान से उनका क्रिया कर्म करने की उसकी इच्छा अभी भी मरी नहीं है।

Devi Maa Dental

कोरांव थाना क्षेत्र के रामगढ़ गांव निवासी श्याम बिहारी सिंह की बेटी की शादी गायघाट गोठानी, थाना चोपन जनपद सोनभद्र के रहने वाले रमेश सिंह से की थी। रमेश गुजरात की कंस्ट्रक्शन कंपनी प्रोरिएंट ब्यूल्डिंग में सेवारत था। वह कंपनी की ओर से दुनिया के कई देशों में अपनी सेवा दे चुका था। वह फरवरी 2021 में कम्पनी की तरफ से दुबई में भेजा गया था। वहीं पर वह तब से काम कर रहा था। जबकि अरुणा अपने बच्चों के साथ गुजरात में ही रह रही थी।

12 मई को मौत

Bansal Saree

12 मई को रमेश ने सुबह अरुणा से फोन पर अंतिम बार बात भी की थी। उसके बाद उसी दिन बाथरूम में पैर फिसलने से वह गिर गया था। जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। उसे अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसी दिन देर शाम उसकी मौत हो गई थी। जिससे उसे गम्भीर चोट आ गई थी। अगले दिन सुबह पति के मौत की खबर अरुणा और उसके परिजनों को हुई तो उन पर गमो का पहाड़ टूट पड़ा। अरुणा के दोनों बेटों हर्ष सिंह (11) व यश सिंह (9) का पिता की याद में रो-रोकर बुरा हाल है।

जब इस हादसे की जानकारी अरुणा के मायके वालों को हुई तो प्रयागराज से उसके भाई पवन सिंह गुजरात गए और उसे वहां से रामगढ़ ले आए। यहां अरुणा और उसके बच्चों के बिलखने से पूरे गांव का वातावरण गमगीन हो गया है। उसके भाई पवन, प्रकाश और विकास ने प्रयागराज और सोनभद्र जिले के डीएम, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रमेश के शव के बाबत लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।

कंपनी के लोगों ने भी खड़े किए हाथ
अरुणा के भाई पवन का कहना है भारतीय और सऊदी अरब के दूतावास के बीच सामंजस्य न बन सकने के कारण अब तक शव को नहीं लाया जा सका है। मगर अभी सम्भावना खत्म नहीं हुई है। भाई सरकार का कहना है कि वह लखनऊ तक घूम आया है। सचिवालय मुख्यमंत्री ऑफिस सब जगह गुहार लगा चुका है, लेकिन कहीं कोई सुनवाई अभी तक नहीं हुई है। सिर्फ आश्वासन मिल रहा है। ट्वीट किया गया तो वहां से जवाब आया कि भारतीय उच्चायोग सऊदी अरब के उच्चायोग से संपर्क में है जल्दी कुछ सार्थक परिणाम निकलेगा।