दुधवा टाइगर रिजर्व: वनकर्मियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गयी दुधवा की एक और मादा हथिनी

पहले भी कई दुर्लभ वन्‍यजीवों को खो चुका है दुधवा नेशनल पार्क

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। अधिकारियों व कर्मचारियों की लापरवाही के चलते दुधवा टाइगर रिजर्व का जंगल दुर्लभ वन्यजीवों की कब्रगाह बनता जा रहा है। मौजूदा अधिकारी की तैनाती में एक वर्ष में करीब पांच बाघ व कई गैंडों की मौत हो चुकी है। फिर दुधवा जंगल में एक मादा हाथी का शव बरामद हुआ है। हाथी की मौत कैसे हुई यह जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगी।

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दुधवा टाइगर रिजर्व की चांदपारा बीट कक्ष संख्या ग्यारह में पुरानी उखड़ी रेल लाइन के पास वन कर्मियों को पेट्रोलिंग के दौरान एक जंगली हाथी का शव पड़ा हुआ दिखाई दिया। कर्मचारियों ने मामले की जानकारी पार्क के अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही दुधवा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनोज कुमार सोनकर टीम के साथ मौके पर जा पहुंचे और शव को कब्जे में लिया। पार्क अधिकारियों के बारीकी से मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मादा हथिनी के शव पर न हीं किसी प्रकार चोट के निशान पाए गए साथ ही उसके सभी अंग सुरक्षित मिले। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रथम दृष्टया मादा हथिनी की मौत प्राकृतिक कारणों से होनी बता रहे हैं। मादा हाथी के मौत का सही कारण जानने के लिए तीन डाक्टरों के पैनल से शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मादा हाथी के मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। जानकारी देते हुए दुधवा टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि मादा हाथी की मौत प्राकृतिक कारणों से होनी प्रतीत हो रही है फिलहाल तीन डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।