यूपी में कोविड-19 प्रबंधन के लिए गठित टीम- 09 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए दिशा-निर्देश

सीएम ने कहा- ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति के चलते मिले सकारात्‍मक परिणाम

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। कोरोना महामारी से प्रदेश को सुरक्षित रखने की दिशा में लगातार किए जा रहे प्रयासों के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। देश में सबसे ज्यादा कोविड टेस्ट करने वाले उत्तर प्रदेश में 30 अप्रैल के 03 लाख 10 हजार 783 मरीजों की पीक की स्थिति के सापेक्ष 35 दिन बाद आज 22,877 कोरोना केस ही एक्टिव हैं। अब तक 16 लाख 52 हजार लोग कोरोना संक्रमण से मुक्त होकर स्वस्थ हो चुके हैं। हमारी रिकवरी दर 97.4% हो गई है।

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सीएम योगी ने आदित्‍यनाथ ने कहा कि जिस प्रदेश के बारे में विशेषज्ञों ने आशंका व्यक्त की थी कि यहां मई में हर दिन एक लाख से अधिक नए कोरोना मरीज सामने आएंगे, वहां बीते 24 घंटो में 1,175 मरीज पाए गए हैं। दैनिक मरीजों की इस संख्या में 24 अप्रैल को 38,055 मरीजों की पीक स्थिति के सापेक्ष अब तक 97 फीसदी से अधिक की गिरावट आ चुकी है। बीते 24 घंटों में 3,646 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। 12,921 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति के अनुरूप उत्तर प्रदेश की नीति के संतोषप्रद परिणाम मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश एक मात्र राज्य है जिसने 05 करोड़ 07 लाख 23 हजार 809 कोविड टेस्ट किये हैं। विगत 24 घंटे में 03 लाख 18 हजार 714 सैम्पल टेस्ट किये गए। इसमें 01 लाख 35 हजार सैम्पल आरटीपीसीआर माध्यम से टेस्ट किए गए हैं।

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उन्‍होंने कहा कि कोरोना के कम होते संक्रमण दर के दृष्टिगत 600 एक्टिव केस से कम संख्या वाले 65 जनपदों को कोरोना कर्फ्यू से छूट दी गई है। कोरोना कर्फ्यू से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। रात्रिकालीन बन्दी को प्रभावी बनाने के लिए शाम 06 बजे से ही पुलिस व स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो जाएं। पब्लिक एड्रेस सिस्टक का उपयोग करें। कहीं भी भीड़ की स्थिति न बने। कई जिलों में लोगों के मास्क न लगाने, बाजारों में अनावश्यक भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने जैसी जानकारी मिली है। यह स्थिति न तो किसी के लिए भी अच्छी नहीं है। पुलिस प्रशासन को सक्रियता बढ़ाने की जरूरत है। लोगों को जागरूक भी करें, साथ-फूट पेट्रोलिंग, चेंकिंग और आवश्यकतानुसार प्रवर्तन की कार्रवाई भी की जानी चाहिए।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कोरोना से कुल संक्रमित हुए लोगों, स्वस्थ हुए लोगों, एंटीबॉडी आदि के सम्बंध में "सीरो सर्वे" कराया जाना आवश्यक है। इस संबंध में आज से प्रदेश में सैंपलिंग का प्रारंभ हो रहा है। इससे लिंग, आयु, शहरी और ग्रामीण सहित अलग-अलग पैमाने पर संक्रमण की अद्यतन स्थिति का आकलन हो सकेगा। यह कार्यवाही तेजी से की जाए। जून के अंत तक इस सर्वे के परिणाम प्राप्त होने की संभावना है।

कहा कि विशेषज्ञों के आकलन के दृष्टिगत कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के संबंध में प्रो-एक्टिव नीति अपनाई जा रही है। सभी मेडिकल कॉलेजों में पीआईसीयू और एनआईसीयू की स्थापना को तेजी से पूरा किया जाए। 110 मास्टर ट्रेनरों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण जारी है। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ आदि के लिए पीडियाट्रिक केयर ट्रेनिंग भी हो रहा है। सभी के विधिवत प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के अधीन किसी भी विभाग में कार्यरत किसी कार्मिक की मृत्यु यदि कोविड संक्रमण से हुई हो तो विभाग द्वारा संबंधित परिवार के प्रति पूरी संवेदनशीलता और सहानुभूतिपूर्वक यथोचित सहयोग किया जाए। अनुग्रह राशि का भुगतान हो या मृतक आश्रित सेवायोजन अथवा अन्य कोई प्रकरण, कोई फाइल लंबित न रहे। मुख्य सचिव स्तर से इस संबंध में यथोचित आदेश जारी कर व्यवस्था प्रभावी बनाने की कार्यवाही हो।

बेहतर होती स्थिति के दृष्टिगत जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर कोविड प्रोटोकाल के साथ ओपीडी एवं आईपीडी सेवाएं आज से प्रारंभ हुई हैं। अधिकाधिक लोगों को ई-संजीवनी अथवा टेलीकन्सल्टेशन के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जाए। विशेष परिस्थितियों में ही ओपीडी में मरीज आएं। किसी भी दशा में कहीं भी कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन न हो।

ऑक्सीजन वेस्टेज को न्यूनतम  रखने के लिए प्रदेश के सात प्राविधिक शिक्षण संस्थानों द्वारा कराए गए ऑक्सीजन ऑडिट के अच्छे परिणाम मिले हैं। इस रिपोर्ट को सम्बंधित अस्पतालों को उपलब्ध कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी ऑक्सीजन के उपयोग मानक के अनुरूप ही हो। वर्तमान में सभी जिलों में ऑक्सीजन की पर्याप्त उपलब्धता है। औद्योगिक इकाइयों की ऑक्सीजन जरूरतों को पूरा करने में हर संभव मदद करें।

मुख्‍यमंत्री ने कहा कि कोविड वैक्सीनेशन संक्रमण से बचाव का सुरक्षा कवर है। केंद्र सरकार के सहयोग से उत्तर प्रदेश सरकार सभी नागरिकों का यथाशीघ्र टीका-कवर देने के लिए संकल्पित है। अब तक प्रदेश में 01 करोड़ 94 लाख से अधिक डोज लगाए जा चुके हैं। 18 से 44 आयु वर्ग के 27 लाख युवाओं को टीका-कवर प्राप्त हो चुका है। सभी जिलों में 18+ आयु के लोगों का वैक्सीनेशन हो रहा है। 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के अभिभावकों के टीकाकरण की विशेष व्यवस्था की गई है। बीते 24 घंटे में 03 लाख 82 हजार से अधिक लोगों ने टीका-कवर प्राप्त किया। दैनिक वैक्सीनेशन क्षमता में वृद्धि को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। एक माह के भीतर वर्तमान क्षमता को तीन गुना तक बढ़ाये जाने की जरूरत है।