व्‍यापार मंडल का आवाह्न: आज से सात दिन बंद रहेंगे बरेली के बाजार, जरूरी चीजों के रेट बढ़ने की आशंका बढ़ी

सिगरेट, गुटखा और सरसों के तेल व रिफाइंड पर वीकेंड लाकडाउन में ही बढ़ चुके हैं रेट

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। वीकेंड लाकडाउन निपटने के बाद अब आज से चार दिन बाजार और बंद रहेंगे। व्‍यापार संगठनों के आवाह्न पर यह बंद बुलाया गया है। शहर के कई व्‍यापारी कोरोना संक्रमण की जद में आ चुके हैं वहीं शहर के हालात भी कोरोना से लगातार खराब होते जा रहे हैं। हालांकि हालातों से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने वीकेंड लाकडाउन की घोषणा कर दी है। आज सोमवार को 59 घंटे के बाद वीकेंड लाकडाउन समाप्‍त हुआ है। अब आज 26 अप्रैल से 30 अप्रैल तक व्‍यापार मंडल की ओर से स्‍वैच्छिक बाजार बंद रखने का ऐलान किया गया है।

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व्‍यापार संगठनों की हुयी आनलाइन बैठक में यह निर्णय लिया गया है। आज सोमवार से बंद हुआ बाजार अब पूरे सात दिनों तक बंद रहेगा। व्‍यापारियों ने चार दिनों का बंद बुलाया है। तीस अप्रैल शु्क्रवार तक बाजार बंद रहेंगे। इसके बाद शुक्रवार से फिर वीकेंड लाकडाउन शुरू हो जाएगा। जो पुन: सोमवार को खुलेगा। इस हिसाब से आज से पूरे सात दिनों तक बरेली का बाजार बंद रहेगा। व्‍यापार संगठनों ने सभी व्‍यापारियों से अपील की है बाजार बंदी में सहयोग कर वे कोरोना की चेन तोड़ने में मददगार बनें। सोशल मीडिया पर भी इसका प्रचार किया जा रहा है ताकि सूचना अधिक से अधिक व्यापारियों तक पहुंच सके।

उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के महानगर अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार ने वीकेंड लाकडाउन की घोषणा की है, लेकिन बरेली के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बाजार में भीड़ उमड़ने से संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कई व्यापारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से दम तोड़ चुके हैं। इसलिए कोरोना की रफ्तार कम करने को लॉकडाउन ही विकल्प रह गया है। जिसके चलते आज से पांच दिन बाजार बंद रखेंगे।

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शोभित सक्सेना ने कहा व्यापार मंडल यह भी सुनिश्चित करेगा बाजार में जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी न हो। उद्योग व्यापार मंडल इसके लिए जो भी संभव होगा, वह करेगा। उन्होंने बताया कि बंदी में किराना समेत सभी थोक और रिटेल की दुकानें बंद रहेंगी। सिर्फ दवा कारोबार इस बंदी से बाहर रहेगा।

व्यापारियों के संक्रमित होने के बाद लिया फैसला
शहर के ज्यादातर व्यापारी पिछले हालातों का जिक्र करते हुए हर दिन पूरा बाजार खोलने की इजाजत दिए जाने की मांग करते रहे हैं। लेकिन कोरोना की दूसरी लहर में श्यामगंज, कुतुबखाना समेत कई प्रमुख बाजरों के दर्जनों व्यापारियों के कोरोना संक्रमित हो जाने की वजह से व्यापारी नेताओं में खौफ झलक रहा है। श्यामगंज बाजार के सबसे ज्यादा व्यापारी व उनके कर्मचारी संक्रमित बताए जाते हैं। क्योंकि यहा किराना का मुख्य बाजार है। सुबह से रात तक खरीदारों की भीड़ जुटी रहती है।

कोरोना की दूसरी लहर में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जिसके चलते श्यामगंज किराना कमेटी, स्टेशनरी मर्चेंट एसोसिएशन, सुभाषनगर व्यापार मंडल, सुभाष मार्केट एसोसिएशन, हार्डवेयर एसोसिएशन, पेंट डीलर एसोसिएशन, लोहा कमेटी, कपड़ा कमेटी समेत अन्य इकाइयां ने बाजार बंदी का समर्थन किया है।

बाजार बंदी को लेकर व्यापारियों ने इससे पहले भी बुधवार और गुरुवार को दो दिन बंदी का फैसला लिया था, लेकिन कई व्यापारियों ने इसका विरोध किया था। सर्राफा बाजार भी तीन दिन के लिए बंद किया गया था लेकिन अधिकांश दुकानें खुली रहीं थीं। उसके बाद सरकार ने शुक्रवार और शनिवार को वीकेंड लाकडाउन की घोषणा कर दी थी। सरकार के इस फैसले के बाद व्यापारियों ने दो दिन की बंदी का फैसला वापस ले लिया था लेकिन एक बार फिर से हालात खराब होने पर अब पूरे सप्ताह की बंदी रहेगी।

जरूरी सामान के रेट बढ़ने की आशंका

सात दिनों तक लगातार बाजार बंद रहने से रिटेल व्‍यापारियों के पास खाद्यान्‍न आदि आपूर्ति बंद होने से जरूरी चीजों के सामान की किल्‍लत हो सकती है। ऐसे में खाद्यान्‍न सामग्री और जरूरी सामान पर रेट बढ़ने की पूरी आशंका है। शनिवार और रविवार दो दिन के वीकेंड लाकडाउन में ही सिगरेट और गुटखे से लेकर सरसों के तेल और रिफाइंड पर दो से पांच रूपयों की बढ़ोत्‍तरी हो गयी। अब जब थोक बाजार पूरे सात दिन बंद रहेगा तो ऐसे में खाद्यान्‍न और जरूरी चीजों के दाम बढ़ने से इनकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि व्‍यापार मंडल ने व्‍यापारियों से जरूरी चीजों की कालाबाजारी ना करने की अपील की है फिर कुछ कालाबाजारी व्‍यापारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।