कहीं कोरोना कोरियर न बन जाएं बरेली से राजधानी समेत दूसरे प्रदेशों को दौड़ने वाली बसें

न्यूज टुडे नेटवर्क। नवाबगंज कस्बे के साथ ही हाफिजगंज, रिठौरा के साथ ही पीलीभीत से प्रतिदिन आधा दर्जन से अधिक डग्गामार डबल डेकर बसे बेरोकटोक राजधानी समेत हरियाणा व पंजाब को फर्राटा भरती हैं जिनसे प्रतिदिन सरकार को लाखों रूपए के राजस्व का नुकसान होता है। डग्गामार बसों के फर्राटा भरने को लेकर स्थानीए प्रशासन
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कहीं कोरोना कोरियर न बन जाएं बरेली से राजधानी समेत दूसरे प्रदेशों को दौड़ने वाली बसें

न्‍यूज टुडे नेटवर्क। नवाबगंज कस्बे के साथ ही हाफिजगंज, रिठौरा के साथ ही पीलीभीत से प्रतिदिन आधा दर्जन से अधिक डग्गामार डबल डेकर बसे बेरोकटोक राजधानी समेत हरियाणा व पंजाब को फर्राटा भरती हैं जिनसे प्रतिदिन सरकार को लाखों रूपए के राजस्व का नुकसान होता है। डग्गामार बसों के फर्राटा भरने को लेकर स्थानीए प्रशासन के साथ ही विभागगीय अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को भी जानकारी है लेकिन सभी अपने आंखे मूुदे हुए सरकार को चूना लगते हुए देख रहे हैं।

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एक माह पूर्व बरेली आए परिवाहन मंत्री से इसकी शिकायत जब कार्यकर्ताओं ने की तो उन्होने त्वरित कार्रवाही करने के निर्देश परिवाहन विभाग के अधिकारियों को दिए जिस पर अमल करते हुए एक ही रात में करीब एक दर्जन बसों को सीज करने की कार्रवाही की गई लेकिन इसके अगले दिन मंत्री जी के बरेली से जाने के साथ ही एक बार फिर यह डबल डेकर

बसें बेखौफ होकर फर्राटा भरने लगी।

बसों में सबारियां भरने में नही होता किसी भी नियम का पालन
बसों में सबारियां भरने को लेकर शासन से जारी गाइड लाइन का कोई भी पालन नही होता है। इन बसों में बैठी सवारियां न तो मास्क का प्रयोग करती हैं और न ही उनके हाथों को सैनेटाइज कराने के लिए बसों मे इंतजाम होता है और फीवर भी चेक नही किया जाता है।

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बस स्टाफ व सवारियों का नही होता कोई टेस्ट

राजधानी में एक बार फिर तेज गति से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मद्देनजर यहंा से आने बालों की टेस्टिंग के निर्देश दिए हुए हैं लेकिन इस बसों से आने बाली बसों के स्टाफ के साथ ही इसमें आने बाली सवारियों का किसी भी प्रकार की टेस्टिंग नही की जाती है। जिसके चलते यहां के बासिंदों में इस बात का डर बना रहता है कि इन बसों से आने बाला कही कोरोना कोरियर न बन जाए।