BAREILLY: जिनके टिकट कटे वो दे सकते हैं अगली रणनीति के झटके, मंत्री समेत दो के टिकट लटके, जानिए, कौन कहां से आएगा मैदान में...

अभी मंत्री छत्रपाल गंगवार और भोजीपुरा विधायक बहोरन लाल मौर्य का टिकट लटका, मंथन जारी

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न्यूज टुडे नेटवर्क। यूपी विधानसभा चुनावों के पहले और दूसरे चरण को लेकर भाजपा के उम्मीदवारों की सूची में बरेली जिले के दो विधानसभा सीटों पर भाजपा ने मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं। बरेली की बिथरी विधानसभा सीट से भाजपा के मौजूदा विधायक राजेष कुमार मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल को पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया है। बिथरी सीट पर डा राघवेन्द्र शर्मा को उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं बरेली शहर की कैंट सीट से भी बीजेपी के वरिष्ठ नेता और मौजूदा विधायक राजेश अग्रवाल का टिकट काटकर संजीव अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है। हालांकि कैंट से मौजूदा विधायक राजेश अग्रवाल का टिकट कटने का कारण उनकी बढ़ती उम्र को बताया जा रहा है।

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उधर बिथरी चैनपुर सीट से मौजूदा विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल का टिकट कटने के बाद भरतौल के खेमे में गहमागहमी का माहौल है। आगे भरतौल चुनाव लड़ेंगे या नहीं या वे किसी दल में जाएंगे अभी इस बात का कोई खुलासा नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि भरतौल किसी अन्य दल के टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। चूंकि भरतौल बिथरी सीट से दो बार विधायक रहे हैं।

वहीं नवाबगंज से विधायक रहे केसर सिंह गंगवार के बेटे को भी पार्टी ने टिकट नहीं दिया है। यहां से भाजपा के पुराने नेता डा एमपी आर्या को उम्मीदवार घोषित किया गया है। गौरतलब है कि नवाबगंज की सीट कोरोना काल में विधायक केसर सिंह गंगवार के निधन के बाद से रिक्त चल रही थी। इस सीट पर विधायक केसर के बेटे विषाल गंगवार भाजपा के टिकट की मजबूत दावेदारी कर रहे थे। पार्टी की घोषणा के बाद केसर सिंह खेमा भी अगली रणनीति की तैयारी में जुट गया है। संभवतः उम्मीद यह भी जतायी जा रही है कि पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ न जाकर केसर सिंह के बेटे विषाल गंगवार पार्टी उम्मीदवार को चुनाव लड़ाएं।

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इसके अलावा बरेली जिले की मीरगंज विधानसभा सीट से मौजूदा विधायक डा डीसी वर्मा, फरीदपुर सुरक्षित सीट से डा ष्यामबिहारी लाल और आंवला से डा धर्मपाल सिंह को टिकट मिला है। अभी मंत्री छत्रपाल गंगवार और भोजीपुरा सीट से मौजूदा विधायक बहोरनलाल मौर्य की उम्मीदवारी तय नहीं की गयी है। दोनों सीटों पर पार्टी नेताओं में मंथन जारी है। टिकट फाइनल होने के बाद सभी विधायकों के खेमों में उत्साह का माहौल बना हुआ है। वहीं जिनके टिकट कटे हैं वे अगली रणनीति बनाने में जुट गए हैं। संभव है कि जल्द ही बरेली जिले की कुछ सीटों पर  नए राजनैतिक समीकरण सामने आएं।