BAREILLY- फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन सामने ही कराने में जुटी टीम 

फतेहगंज ब्लाक के कई गांवों का किया भ्रमण, लोगों को किया प्रेरित

 | 

NEWS TODAY NETWORK- फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत चलाये जा रहे मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन  ( एमडीए) कार्यक्रम के दौरान  स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर पहुँच रही है और लोगों को अपने सामने ही फाइलेरिया से बचाव की दवा सेवन करने को कह रही है | सभी जगह जन समुदाय इसमें रूचि भी दिखा रहा है | सभी ने खुद और  परिवार के लोगों के साथ फाइलेरिया की दवा अपनी आयु के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम के सामने खाकर अभियान के चौथे  दिवस को सफल बनाया | स्वास्थ्य विभाग की टीम लोगो को दवा के लाभ बताकर दवा खाने के लिए प्रेरित कर रही है | टीम में शामिल आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लोगो को अपने सामने दवा खिलाने का कार्य बखूबी कर रही हैं  |

Bansal Saree

फतेहगंज ब्लॉक के अंसारी महोल्ला के लोगों  ने दवा टीम के सामने  खाने से मना कर दियाउनका कहना था कि  दवा दे दें   हम लोग सोते समय खा लेंगे | यह जानकारी जब स्वास्थ्य विभाग की टीम के कार्यकर्ताओं ने दी तो डॉ. एम.नितिन गोपी , रीजनल एनडीटी नोडल ऑफिसर पाथ संस्था तथा डॉ. अम्बा दास एसपीओ और डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर रवि तिवारी पीसीआई संस्था ने मौके पर पहुँचकर गाँव के सभी लोगों को प्रेरित करके  दवा खिलाकर कार्यक्रम को सफल बनाया | इसके साथ ही सभी को कार्यक्रम में सहयोग करने की अपील की  |

डॉ. नितिन गोपी ने बताया - स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि  वह अपने सामने ही दवा खिलाएं  | किसी को भी हाथ में बाद में दवा खाने के लिए दें | उन्होंने बतया - जनपद में  3471 टीम पूरी सक्रियता से अपना काम कर रही है | कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धर्मगुरूओ सहित कोटेदार प्रधान का भी सहयोग लिया जा रहा है |

Devi Maa

डी.आर.सिंह जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि इस अभियान में दो साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती गंभीर रूप से बीमार लोगों को छोड़कर सभी  लोगों को  फाइलेरिया से सुरक्षित रखने के लिए प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा घर-घर जाकर दवा खिलाई जा रही है, लोग टीम का सहयोग करते हुए उनक सामने ही दवा का सेवन करें |

डीएमओ ने बताया अभियान की रोजाना मानिटरिंग की जा रही है | फाइलेरिया  को आम तौर पर हांथी पाँव के नाम से भी जाना जाता है | यह मच्छर के काटने से फैलने वाला रोग है इससे पैर या अंडकोष में  सूजन जाती है | यदि एक बार यह बीमारी हो जाती है तो व्यक्ति का जीवन दुर्लभ हो जाता है | बीमारी से बचाव के लिए साल में एक बार फाईलेरिया रोधी दवा का सेवन करना ज़रूरी है |

उन्होंने कहा कि यह दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं | सामान्य लोगों को इन दवाओं के सेवन  से किसी भी प्रकार के दुष्प्रभाव नहीं होते हैंअगर किसी को दवा खाने के बाद उल्टी, चक्कर, खुजली या जी मिचलाने जैसे लक्षण होते हैं तो यह इस बात का प्रतीक हैं कि उस व्यक्ति के शरीर में  फाइलेरिया के परजीवी  मौजूद हैं, जोकि दवा खाने के बाद परजीवी  के मरने के कारण उत्पन्न होते हैं |