बरेली: कई सालों से जीत रहा प्रधानी इस बार भी जीतने की संभावना बनी तो कर दिया मर्डर

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। यूपी में पंचायत चुनावों की रंजिशें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा प्रकरण यूपी के बरेली जिले से आया है। यहां बीती 15 अप्रैल को पंचायत चुनावों के लिए मतदान हो चुका है। बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र के बिबियापुर गांव में दबंगों ने एक पूर्व प्रधान पति की धारदार हथियारों से वार कर हत्‍या कर दी। घटना में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। तनाव फैलने के कारण इस गांव में फोर्स तैनात कर दिया गया है। आरोपियों की तलाश की पुलिस की टीमें गठित कर दी गयी हैं। लगातार कई सालों से पत्नी के प्रधान बने और इस बार भी उसकी जीत की संभावना के चलते गांव पर दबंगों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। वह किसी तरह जान बचाकर खेत में भाग गया, लेकिन दबंग वहां भी पहुंच गए और उसकी हत्या कर फरार हो गए। सुबह होने पर उसकी लाश खेत में मिली। घटना की सूचना मिलने पर एसपी सिटी मौके पर पहुंचे और पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर मामले की जांच शुरू कर दी। एक आरोपी की पत्नी ने खुद के पति को बेकसूर बताया और एसएसपी से शिकायत करते हुए मामले की जांच की मांग की।

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भोजीपुरा थाने के गांव बिबियापुर कायस्थान निवासी नरेंद्र पुत्र बाबूराम की लाश आज सुबह गांव के पास ही जगदीश के खेत में पाई गई। उसकी गोली और धारदार हथियार मारकर हत्या की गई थी पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद मृतक के परिजनों ने बताया कि नरेंद्र के पिता बाबूराम सन 2000 में प्रधान थे। लेकिन इसके बाद सन् 2005 में पास के गांव का एक अन्य व्यक्ति प्रधान हो गया। लेकिन 2010 में महिला सीट होने के कारण नरेंद्र ने अपनी पत्नी किरण गंगवार को प्रधानी पद के लिए उम्मीदवार बनाया और वह ग्राम प्रधान का चुनाव जीत गई। तब से वह लगातार ग्राम प्रधान है और इस बार भी उसके जीतने की अच्छी संभावना है। जिससे गांव के रहने वाले सौरभ, वीरेंद्र, भगवानदास, धर्मवीर नरपत आदिउससे रंजिश मानने लगे। इस बार चुनावों में सौरभ और वीरेंद्र दोनों ने प्रधानी पद के लिए किस्मत आजमाई है। नरेंद्र की पत्नी को हराने के लिए सौरभ और वीरेंद्र अंतिम समय में एक हो गए। ताकि नरेंद्र की पत्नी चुनाव ना जीत सके गांव के लोगों को यह बात पता चल गई और उन्होंने फिर से नरेंद्र की पत्नी के समर्थन में अच्छा मतदान किया। यह बात सौरभ और वीरेंद्र के समर्थकों को पता चल गई। जिसके चलते उन्होंने नरेंद्र की हत्या की योजना बना ली। वह पहले भी कई बार नरेंद्र पर हमला कर चुके हैं। एक मामले में नरेंद्र को भी जेल जाना पड़ा था। 3 अप्रैल को भी उन्होंने नरेंद्र और उसके भाई सौरभ पर हमला किया था और नरेंद्र की सोने की चेन लूट ली थी। जिसका मुकदमा दर्ज कराया गया था। कल शाम को नरेंद्र के समर्थक पिंकू के घर पर उसके बेटे के जन्मदिन पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें नरेंद्र को भी बुलाया गया था। लेकिन नरेंद्र वहां नहीं गया। हमलावर नरेंद्र को तलाशते हुए पिंकू के घर पहुंचे और उसके ना मिलने पर फायरिंग कर दी। जिससे गोली लगने से पिंकू घायल हो गया पटना में पिंकू की पत्नी और बच्चे ब भाई डिंपल को भी चोटे आई। घटना की जानकारी जैसे ही नरेंद्र को मिली उसे शक हुआ कि हमलावर उसके घर पर भी हमला कर सकते हैं। तब वह खुद को बचाने के लिए घर से बाहर जंगल में जगदीश के खेत पर चला गया।।लेकिन यह बात किसी विरोधी को पता चल गई। नरेंद्र ने वहां अपने बेटे नितिन को बुलाया। लेकिन जब तक नितिन वहां पहुंच पाता उसकी गोली और धारहथियार से हत्या कर दी गई। बेटा उसे तलाश तरह लेकिन कुछ पता नहीं चला। सुबह होने पर उसकी लाश जगदीश के खेत में ही पाई गई। घटनास्थल से लखपत की चप्पलें भी बरामद की गई। घटना के बाद गांव में तनाव पैदा हो गया। कई थानों की पुलिस और एसपी सिटी भी मौके पर पहुंचे।पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई है। एक आरोपी बिरेंद्र की पत्नी मुन्नी देवी आज सुबह एसएसपी से शिकायत करने पहुंची। उसने कहा कि उसके पति का घटना में कोई भी हाथ नहीं है। चारों आरोपी सौरभ, वीरेंद्र ,भगवानदास और लखपत फरार बताए जाते हैं। भाई पिंकू की मां ने दी आरोपियों के विरुद्ध तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की है