हाईस्‍कूल के बाद यूपी बोर्ड ने 12वीं की परीक्षा भी रद्द की, सौ साल में पहली बार बिना परीक्षा होंगे पास

12वीं के 26 लाख छात्रों को प्रमोट किया जाएगा
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सीएम योगी ने शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ बैठक के बाद लिया निर्णय

न्‍यूज टुडे नेटवर्क। यूपी बोर्ड ने 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी है। बोर्ड के सौ साल के इतिहास में 26 लाख छात्रों को बिना परीक्षा पास किया जाएगा। कोरोना संकट के चलते सरकार ने यह निर्णय लिया है। सीएम योगी ने कहा कि कोरोना संक्रमण काबू करना सरकार की पहली प्राथमिकता है इसलिए बारहवीं की परीक्षाओं को रद्द किया गया है। इससे पहले यूपी सरकार दसवीं की परीक्षाओं को भी रद्द कर चुकी है।

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सीएम योगी ने गुरुवार सुबह लोक भवन में डिप्टी सीएम और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। CBSE, ICSE के अलावा मध्यप्रदेश, गुजरात, उत्तराखंड, राजस्थान की सरकारें बोर्ड की परीक्षा रद्द कर चुकी थीं। ऐसे में पहले ही इस बात की प्रबल संभावना थी कि UP सरकार भी परीक्षा रद्द करेगी। UP बोर्ड की 10वीं की परीक्षा सरकार पहले ही रद्द कर चुकी है।

फैसले के बाद डिप्टी सीएम ने कहा कि संक्रमण को नियंत्रित करने में कुछ समय लग सकता है। इस वजह से पीएम नरेंद्र मोदी ने अलग-अलग प्रदेशों की समीक्षा की थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने सीबीएसई बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। आज हमने UP बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं रद्द करने का फैसला लिया है। छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। हालांकि, बताया जा रहा है कि डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने 12वीं की परीक्षा कराने की तैयारी की थी। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सरकार ने परीक्षा रद्द करना बेहतर समझा। कोविड महामारी की वर्तमान परिस्थितियों के दृष्टिगत बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता है।

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इससे पहले सीएम योगी के साथ डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा समेत शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों के साथ करीब 30 मिनट बैठक चली। 10:30 बजे शुरू हुई बैठक 11:00 बजे समाप्त हुई। शिक्षा बोर्ड की ओर से तैयार की गई कमेटी ने रिपोर्ट मुख्यमंत्री के सामने पेश की। इसमें परीक्षा रद्द किए जाने के बाद परीक्षार्थियों के अन्य विकल्प के सुझाव दिए गए।

UP बोर्ड 12वीं की परीक्षा के लिए 26 लाख 9 हजार 501 स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड हैं। UP बोर्ड की हाईस्कूल की परीक्षाएं पहले ही रद्द कर दी गई हैं। CBSE और CICSE ने भी 12वीं की परीक्षाएं रद्द करने की घोषणा की है। अब हाईस्कूल और 12वीं का रिजल्ट किस आधार पर तैयार किया जाए। इसके विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। सरकार ने इसके लिए एक अलग कमेटी भी बना दी है। बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ला ने 22 मई को ही सभी स्कूलों से क्लास 12 के प्री-बोर्ड और 11वीं के छमाही और वार्षिक परीक्षा के अंक मांगे थे, 28 मई तक अधिकांश स्कूलों ने स्टूडेंट्स के मार्क्स ऑनलाइन पोर्टल पर फीड कर दिए।