शुगर पेशेंट भूल रहे हैं चटकारी जुबान का स्वाद

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News Today Network- मधुमेह (शुगर) के कई मरीजों की जुबान अब स्वाद भूलने लगी है। उन्हें नमकीन, खट्ठे, मीठे-तीखे स्वाद के बीच फर्क पता नहीं चल पाता। डॉक्टरों के अनुसार इस समस्या को ऑटोनामिक न्यूरोपैथी डिस्फंक्शन कहते हैं।

मधुमेह मरीजों को अब तक यह भ्रम था कि इसका असर ज्यादातर किडनी, हार्ट, लिवर और आंखों पर ही पड़ता है। लेकिन, डॉक्टरों का कहना है कि लंबे समय से मधुमेह से पीड़ित मरीजों में ऑटोनामिक न्यूरोपैथी डिस्फंक्शन की समस्या आम है। इसमें शरीर की नसें (धमनियां) सिकुड़ने और सूखने लगती हैं।
न्यूरोपैथी डिस्फंक्शन शरीर के किसी भी हिस्से को नुकसान पहुंचा सकता है। कुछ लोगों की याददाश्त भी चली जाती है। कई बार लोगों का स्वाद और गंध का पता नहीं चल पाता है। एमडी मेडिसिन डॉ. गौरव पांडेय ने बताया कि इस बीमारी से पीड़ित मरीजों में अधिकांश की उम्र 50 के पार है।

स्वाद और सूंघने की ग्रंथियां हो जाती है शिथिल

 फिजिशियन ने बताया कि ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी डिस्फंक्शन के चलते स्वाद और सूंघने की ग्रंथियां शिथिल हो जाती हैं। स्वाद कलिकाएं खाने का स्वाद नहीं पता कर पाती हैं। खाने में नमक कम लगता है। ऐसी स्थिति में मरीज ज्यादा नमक खाने लगता है। उसे ब्लड प्रेशर की समस्या भी हो जाती है। बताया कि ऐसे मरीजों की एचबी-टू, फास्टिंग और पीपी सैंपल टेस्ट किए गए। ये असामान्य मिले।

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पैरों के तलवे में होने लगती है जलन

ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथी डिस्फंक्शन के चलते हाथों -पैरों के तलवे में जलन की समस्या भी होने लगती है। ऐसे मरीजों को सलाह दी जा रही है कि वे शुगर के स्तर पर नजर रखें। अगर घट और बढ़ रहा है तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।

हर माह 25 से 30 मरीज मिल रहे

डॉक्टरों के अनुसार, बीआरडी और जिला अस्पताल में हर माह इस तरह के 25 से 30 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। डॉक्टर उन्हें शुगर स्तर नियंत्रित करने की सलाह दे रहे हैं।