मुकेश अंबानी के इस काम की वजह से अब तक के सबसे बड़े व्यापारिक संकट से गुजर रहा बिग बाजार, हजारों करोड़ के वाउचर बने रद्दी 

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न्यूज टुडे नेटवर्क। इस वक्त बिग बाजार एक बड़े व्यापारिक संकट से गुजर रहा है। बिग बाजार के अधिकतर स्टोर्स पर मुकेष अंबानी की कंपनी का स्वामित्व हो जाने की वजह से बिग बाजार के अस्तित्व को ही खतरा पैदा हो गया है। हालात इस कदर खराब हो गए हैं कि बिग बाजार के हजारों करोड़ रूपयों के वाउचर भी रद्दी हो गए हैं। गौरतबल है कि बिग बाजार को फ्यूचर ग्रुप की फ्यूचर रिटेल कंपनी संचालित करती है। हालांकि फ्यूचर रिटेल भी अब तक के सबसे बुरे दौरे से गुजर रही है फ्यूचर रिटेल भारी कर्ज में डूब चुकी है। इससे बिग बाजार के उपभोक्ताओं के पास पड़े हजारों करोड़ रूपये के वाउचर कूड़े की तरह हो गए हैं। तमाम स्टोर्स बंद होने से ग्राहकों के सामने इन वाउचर्स को भुनाने की समस्या खड़ी हो गयी है। अब इन ग्राहकों के पास इन वाउचर्स को भुनाने का कोई भी विकल्प बाकी नहीं रह गया है।

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एक उपभोक्ता ने कहा उनके पास 6,000 रुपये के बिग बाजार वाउचर हैं जिनकी वैलिडिटी दिसंबर 2023 तक है। लेकिन स्टोर्स के रिलायंस के हाथों में जाने के बाद हम उन्हें भुना नहीं सकते हैं। कंपनी के कस्टमर सपोर्ट ने जो टोल फ्री नंबर और ईमेल आईडी दिया है, वह काम नहीं कर रहा है। बिग बाजार को ऐसे लोगों के लिए कुछ तरीका निकालना चाहिए जिनके पास इस तरह के वाउचर हैं।

इसी तरह एक उपभोक्ता के पास बिग बाजार के 4,000 रुपये के वाउचर हैं। उन्होंने कहा, 'जब मैंने इस बारे पूछताछ की तो एक कस्टमर सर्विस रिप्रजेंटेटिव ने कहा कि उन्हें रोजाना इस तरह की कई मेल आ रही हैं और कई फाइलें पेंडिंग हैं। जब तक उन्हें इस बारे में ऑर्डर नहीं मिल जाता तब तक वे कुछ नहीं कर सकते। फ्यूचर रिेटेल के प्रवक्ता ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की। इंडस्ट्री के एक सीनियर इंडस्टी एग्जीक्यूटिव ने कहा कि देशभर में कंपनी के पास अब केवल 30 बिग बाजार स्टोर रह गए हैं। इनमें कस्टमर अपने वाउचर रिडीम कर सकते हैं।'

एक सूत्र ने कहा कि वाउचर के बदले पैसे नहीं लौटाए जा सकते हैं क्योंकि एफआरएल के बैंक अकाउंट फ्रीज हैं। अमूमन कंपनियां वाउचर खरीदती हैं और इन्हें अपने कर्मचारियों को बांटती हैं। एक समय में वाउचर बिजनस के कंपनी को करीब 200 करोड़ रुपये की कमाई होती थी। किशोर बियानी की कंपनी एफआरएल अभी बैंकरप्सी प्रॉसीडिंग से गुजर रही है। फ्यूचर ग्रुप ने अपने रिटेल बिजनस को रिलायंस को बेचने के लिए 2020 में एक डील की थी लेकिन इसे हाल में कैंसल कर दिया गया था। उससे पहले फरवरी में रिलायंस ने बिग बाजार के 800 से अधिक स्टोर्स पर कब्जा कर लिया था।