बैडमिंटन कप: थॉमस कप में भारतीय टीम ने रचा इतिहास, पहला थॉमस कप जीता

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न्यूज टुडे नेटवर्क। आज भारतीय बैडमिंटन के जगत के लिए काफी बड़ा दिन है। थाईलैंड के बैंगकॉक में हो रहे थॉमस कप में भारतीय पुरुषों की टीम ने चैंपियनशिप के फाइनल में 14 बार के चैंपियन इंडोनेशिया को 3-0 से हराकर अपना पहला थॉमस कप खिताब जीता।

टूर्नामेंट के 73 साल के लंबे इतिहास में भारत कभी भी थॉमस और उबेर कप के फाइनल में नहीं पहुंचा था, लेकिन भारतीय पुरुषों ने न केवल इस रिकॉर्ड को तोड़ा बल्कि एक कदम आगे बढ़कर चीन, इंडोनेशिया, जापान, डेनमार्क और मलेशिया के बाद थॉमस कप जीतने वाला छठा देश बन गया। 

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इम्पैक्ट एरिना में "भारत माता की जय" के नारे और ढोल की आवाज गूंज रही थी क्योंकि युवा भारतीय शटलर बड़े दिन पर इतिहास रच रहे थे।  ऐतिहासिक जीत के बाद के जश्न ने बताया कि यह भारतीय बैडमिंटन दल के लिए कितना मायने रखता है क्योंकि उन्होंने इस सप्ताह सुर्खियों में रहने वाली उत्साही टीम भावना को दिखाया।

टीम टूर्नामेंट की शुरुआत में प्रबल दावेदार नहीं था, लेकिन भारत के युवा शटलरों में दिग्गजों को बाहर निकालने की मारक क्षमता थी और उन्होंने बैंकॉक में पिछले 7 दिनों में ठीक वैसा ही किया। 

यह सब तब शुरू हुआ जब लक्ष्य सेन ने दिखाया कि वह दुनिया के उच्च श्रेणी के युवा शटलरों में से एक क्यों है।  नौवें नंबर के 20 वर्षीय खिलाड़ी ने सेमीफाइनल और क्वार्टर फाइनल में क्रमश: विक्टर एक्सेलसेन और ली ज़ी जिया से हारकर फाइनल में प्रवेश किया था।