मुरादाबाद में लापरवाही की भेंट चढ़ गए 17 मरीज, आक्‍सीजन सप्‍लाई रूकने से लाशों का ढेर बना अस्‍पताल

प्रशासन केवल छह मौतों का कर रहा दावा, लेकिन इसरो के वैज्ञानिक ने वीडियो जारी करके बतायी हकीकत

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न्‍यूज टुडे नेटवर्क। यूपी के मुरादाबाद जिले में एक अस्‍पताल फिर मौत का ठिकाना बन गया। यहां गुरूवार को आज आक्‍सीजन की सप्‍लाई ठप होने की वजह से 17 मरीजों की जान चली गयी। सभी मृतक कोरोना संक्रमित बताए जा रहे हैं जिन्‍हें आक्‍सीजन पर रखा गया था। सुबह तीन बजे के करी मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र के ब्राइट स्‍टार हास्पिटल में आक्‍सीजन की सप्‍लाई अचानक रूक गयी। बताया जा रहा है कि अस्‍पताल में आक्‍सीजन एक कैप्‍सूल मौजूद है लेकिन तकनीक खामी की वजह से रूकी आक्‍सीजन की वजह से बड़ी संख्‍या में मरीजों की मौत हो गयी है।

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हादसे की खबर पाकर आला अफसर और दर्जनों प्रशासनिक अफसरों का काफिला फोर्स के साथ अस्‍पताल पहुंच गया। ब्राइट स्टार हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित के गंभीर मरीजों का इलाज चल रहा है। गुरुवार सुबह तीन बजे अचानक हॉस्पिटल में ऑक्सीजन सप्लाई बाधित हो गई। इसके बाद एक-एक कर मरीजों की मौत का सिलसिला शुरू हो गया। सुबह जब तीमारदार अस्पताल पहुंचे तो उन्हें अपने परिजनों की मौत की सूचना मिली। परिवार वालों का आरोप है अचानक हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की सप्लाई बाधित होने के चलते मरीजों की मौत हो गई है।

अस्पताल में ISRO सरो के एक वैज्ञानिक रजत शर्मा के पिता की मौत भी हुई है। जिसके बाद रजत ने अस्पताल में हंगामे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया। वायरल वीडियो में 15 से 20 लोगों की मौत की बात कही जा रही है। लेकिन, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि केवल 6 लोगों की मौत हुई है। अस्पताल में ऑक्सीजन की कोई कमी नही है।

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फोर्स तैनात

हंगामा बढ़ता देख अस्पताल स्टाफ ने पुलिस को सूचना दे दी गई। हंगामे की सूचना पर पुलिस बल अस्पताल के बाहर तैनात कर दिया गया है। साथ ही अस्पताल में प्रशासनिक अधिकारियों ने डेरा जमाए हुए है। अस्पताल के एक कमरे में अस्पताल प्रबंधन और अफसरों के बीच मीटिंग चल रही है।

इसरो के एक वैज्ञानिक ने किया ये दावा
इसरो में तैनात वैज्ञानिक रजत शर्मा ने बताया कि उनके पिता अस्पताल 20 अप्रैल से अस्पताल में भर्ती थे। डॉक्टर ने कल यह बताया था कि मेरे पिता की तबियत सही है। दो तीन दिन बाद डिस्चार्ज हो जाएंगे। लेकिन जब आज सुबह उनके लिए नाश्ता लेकर आया तो जानकारी मिली कि उनकी मौत हो गयी है। अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि सुबह के समय ऑक्सीजन सप्लाई में कोई बाधा उत्पन्न हुई जिसकी वजह से ऑक्सीजन की सप्लाई नही होने की वजह से मौत हो गई।

रजत का दावा है कि अस्पताल में 17 लोगो की मौत हुई है। उसका सबूत यह है कि अस्पताल में जिन जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिजनों ने एक पेपर पर अपना नाम नोट करवाया है। प्रशासन कुछ भी कहे लेकिन जिन मरने वाले के परिजन ने साइन किये है वह 17 लोग हैं।