जी हां घंटा, शंख और डमरू की मोहक धुनों के साथ अब बरेली में रामगंगा नदी के घाटों पर भी दिखेगा संध्या महाआरती का नजारा, जानिए कैसे होगा यह, क्या है योजना, देखें यह खबर…

न्यूज टुडे नेटवर्क। जी हां अब बरेली में रोजाना संध्या के समय घंटा, शंख, डमरू के सुरों केे संगम के साथ महाआरती देखने सुनने को मिलेगी। जल्द यह नजारा बरेली के रामगंगा नदी के घाटों पर देखने को मिलेगा। बरेली के रामगंगा नदी के घाटों पर वैसे भी समय समय पर मेलों का आयोजन होता
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जी हां घंटा, शंख और डमरू की मोहक धुनों के साथ अब बरेली में रामगंगा नदी के घाटों पर भी दिखेगा संध्या महाआरती का नजारा, जानिए कैसे होगा यह, क्या है योजना, देखें यह खबर…

न्‍यूज टुडे नेटवर्क। जी हां अब बरेली में रोजाना संध्‍या के समय घंटा, शंख, डमरू के सुरों केे संगम के साथ महाआरती देखने सुनने को मिलेगी। जल्‍द यह नजारा बरेली के रामगंगा नदी के घाटों पर देखने को मिलेगा। बरेली के रामगंगा नदी के घाटों पर वैसे भी समय समय पर मेलों का आयोजन होता रहता है। सबसे बड़ा चौबारी का मेला भी इसी नदी के किनारे लगता है। इसके अलावा गंगा दशहरा व गंगा स्‍नान देव दीपावली के अलावा प्रमुख स्‍नान पर्व पर बड़ी संख्‍या में श्रद्धालु आकर आस्‍था जताते हैं और स्‍नान करते हैं।

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इस दौरान रामगंगा नदी के घाटों पर रौनक देखते ही बनती है लेकिन बाकी साल भर यहां कोई खास आयोजन नहीं होते हैं। जिससे रामगंगा नदी के घाट सूने पड़े रहते हैं। इसी सूनेपन की चुप्‍पी को तोड़ने के लिए प्रशासन इस योजना पर काम कर रहा है।

बरेली में रामगंगा नदी के घाटों पर भी रोजाना महाआरती का नजारा आपको देखने को मिलेगा। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन खुद इस ओर पहल करने जा रहा है। बरेली के रामगंगा नदी के घाटों पर भी अब हरिद्वार और बनारस की तरह महाआरती का आयोजन किया जाएगा।

पर्यटन की दृष्‍टि से रामगंगा नदी के घाटों को विकसित किया जाएगा। योजना यह भी है कि इन घाटों पर सुरक्षित तरीके से वाटर गेमिंग आदि की भी शुरूआत की जाए। बरेली के डीएम नीतीश कुमार ने इस प्रोजेक्‍ट को आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। योजना के अनुसार रामगंगा बैराज पर वाटर गेमिंग के साथ साथ बोटिंग कम्‍पटीशन में आयोजित किए जाएं जिसके जरिए लोगों का ध्‍यान इन घाटों की आकर्षित हो सके।

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डीएम नीतीश कुमार ने बताया कि सीएसआर फंड के जरिए घाटों के सौन्‍दर्यीकरण का कार्य कंपनियों के जरिए कराया जाएगा। इसके अलावा विशेष आयोजन संध्‍या की महाआरती का है इससे लोगों के मन में रामगंगा के प्रति श्रद्धाभाव भी जागृत होंगे। रामगंगा नदी के घाटों की देखभाल करने के लिए सरकारी व प्राइवेट कंपनियों को गोद दिलाया जाएगा। रामगंगा नदी के सभी घाटों पर पक्‍का निर्माण के साथ साथ सुरक्षा मानक भी पूरे किए जाएंगे।

रामगंगा नदी के प्रति लोगों को जागरूक करने और पर्यटन बढ़ाने के मकसद से आरती शुरू कराने की तैयारी की जा रही है। सीएसआर फंड के जरिए कंपनियों को घाट तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। उम्मीद है रामगंगा आरती पर्यटन को बढ़ाने में मददगार होगी।
नितीश कुमार, डीएम