हल्द्वानी- कांग्रेस की राजनीति के लिए गेम चेंजर साबित होंगे मंत्री आर्य, इसलिए होती है दिग्गत नेताओं में गिनती 

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दिग्गज मंत्री यशपाल आर्य द्वारा कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब भाजपा की परेशानी बढ़ती नज़र आ रही है। उत्तराखंड की राजनीति का इतिहास उठा कर देखें तो यशपाल आर्य का नाम चुनाव की हवा बदलने में काफी आगे रहा हैं। प्रदेश की राजनीति में यशपाल आर्य को तजुर्बेदार नेता के तौर पर देखा जाता हैं। यही वजह है कि भाजपा की कैबिनेट में रहे यशपाल आर्य ने आज तक कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व के उपर कोई भद्दा बयान नहीं दिया हैं। जैसा कि प्रदेश भाजपा के कई बड़े नेता अक्सर करते नज़र आते है।

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बता दें कि 2017 में मंत्री यशपाल आर्य व संजीव आर्य कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे। तब भाजपा ने दोनों को प्रत्याशी भी बनाया था। दोनों ने जीत दर्ज की थी। इसके बाद भाजपा सरकार ने यशपाल आर्य को कैबिनेट मंत्री बनाया। अब 2022 के विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए राज्य में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। इसी बीच प्रदेश के जाने माने नेता यशपाल आर्य का भाजपा को छोड़ना आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव की वजह बन सकती है।