हल्द्वानी- कोरोना के काल को तीरथ का जोरदार पंच, गांव गांव में सुधारने लगा हैल्थ सिस्टम

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हल्द्वानी- मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत कोरोना को लेकर कोई लापरवाही नहीं करना चाहते है। ऐसे में सीएम तीरथ खुद इस पर नजर बनाये हुए है। उनकी सक्रियता से उत्तराखंड में अब कोरोना संक्रमण के मरीजों में कमी आ रही है। गुरुवार को प्रदेश में जो रिपोर्ट आयी उससे सभी के चेहरे पर मुस्कान देखने को मिली। गुरुवार को प्रदेश में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों ने सारा रिकॉर्ड तोड़ दिया। प्रदेश में 8006 मरीज कोरोना से जंग लडक़र स्वस्थ हो गए। सीएम तीरथ लगातार कोरोना को लेकर मॉनिटरिंग कर रहे है। अभी तक प्रदेश में 20 लाख 20 हजार 559 लोगों को कोरोना की पहली वैक्सीन दी जा चुकी है। जबकि छह लाख 80 हजार 330 लोगों को कोरोना की दोनों वैक्सीन दी जा चुकी है। इसके अलावा 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग में अभी तक एक लाख 89 हजार 583 लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है।

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कोरोना पर सीएम का प्लान

कोरोना की रफ्तार पर रोक लगाने के लिए प्रदेश में  558 कंटेनमेंट जोन बने हैं। जिसमें देहरादून में 119, हरिद्वार में 48, नैनीताल में 55, पौड़ी में 21, पिथौरागढ़ में नौ, रुद्रप्रयाग में 24, टिहरी में 57, ऊधमसिंह नगर में 55 और उत्तरकाशी में 93, अल्मोड़ा में 21, बागेश्वर में दो, चमोली में 16, चंपावत में 38, कंटेनमेंट जोन शामिल हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह सीएम तीरथ ने कोरोना की रफ्तार पर ब्रेक लगाया है। इसके अलावा रोजाना की जरूरत के के हिसाब से प्रदेश सरकार ने 90 मीट्रिक टन ऑक्सीजन रिजर्व कर ली है। 

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चंद दिनों में ऑक्सीजन की रिकॉर्ड सप्लाई

प्रदेश के सभी 13 जिलों को अलग-अलग स्थानों पर ऑक्सीजन सप्लाई के लिए फिलिंग प्वाइंट आवंटित कर दिए गए हैं। जिसके जरिये रोजाना 167 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन और आपूर्ति राज्य में हो रही है। इसके अलावा दूसरे राज्यों से 60 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित हुई है। गढ़वाल मंडल में 50 मीट्रिक टन से अधिक ऑक्सीजन को रिजर्व में रखा गया है जबकि कुमाऊं मंडल में 40 मीट्रिक टन ऑक्सीजन को रिजर्व कोटे में रखा गया है। इसके अलावा 11 अस्पतालों के अंदर छोटे ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा चुके हैं। साथ ही 11 नए स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट का काम चल रहा है जबकि 11 की स्वीकृति मिल चुकी है। 15 नए स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट का प्रस्ताव तैयार हो गया है। 

कोरोना का आंकड़ा

पिछले एक सप्ताह से कोविड के केस राज्य और कुमाऊं में कम तो नहीं होने लगे हैं। एक मई को राज्य के 13 जिलों में कुल 35058 सैंपल लिए गए थे और 5493 पॉजिटिव केस आए थे। जबकि 20 मई को राज्य में 24414 लोगों की जांच की गई और 3658 पॉजिटिव केस आए। अगर मृत्यु दर की बात की जाए तो एक मई को 1.47 प्रतिशत जबकि 20 मई को 1.74 है। एंटीजन जांचें इसलिए अधिक बढ़ाई गई हैं ताकि तत्काल पता चल जाए कि मरीज पॉजिटिव है या निगेटिव। मरीज के निगेटिव आने पर भी संदेह होने की स्थिति में आरटीपीसीआर कराया जा रहा है। प्रदेश में कोविड कफ्र्यू लागू होने के बाद मैदानी जिलों में कोरोना संक्रमण की दर में कमी आई है। 12 मई से 18 मई के बीच देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में पॉजिटिविटी दर 20 फीसदी से कम रही। 

मरीजों में आयी कमी

हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में कोविड मरीजों की संख्या में लगातार कमी आ रही है। सुशीला तिवारी कोविड अस्पताल में पांच दिन पहले तक जहां 500 से अधिक मरीज भर्ती हो चुके थे। अब यह संख्या 283 रह गई है। इस समय अस्पताल में 160 ऑक्सीजन बेड खाली हैं। लगातार मरीजों की संख्या मेंं कमी आ रही है। एक सप्ताह पहले तक प्रतिदिन 70 से 80 मरीज भर्ती हो रहे थे, लेकिन अब यह संख्या 25 से 30 रह गई है। हालांकि गंभीर मरीजों की संख्या कम नहीं हुई है। गुरुवार को 45 मरीज स्वस्थ हुए। जिन्हें अस्पताल से घर भेजा दिया गया है। इससे साफ होता है कि सीएम तीरथ सिंह रावत के एक्टिव होने बाद कोरोना के बढ़ते मामलों पर कैसे लगाम लगी है जो राज्य के लिए शुभ संकेत है।