रुद्रपुर: यशपाल आर्य की टीम भी भाजपा को कर सकती है बाय-बाय, जानिए कौन छोड़ सकता है भाजपा

 | 

रुद्रपुर।  आज से करीब पांच साल पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए यशपाल आर्य अपने साथ समर्थकों की बड़ी टीम ले गए थे, नतीजा यह हुआ कि ऊधमसिंह नगर में नौ विधान सभा सीटों पर आठ सीटें भाजपा के खाते में गुई थी। अब यशपाल आर्य की कांग्रेस में वापसी के बाद यह संभावना बन गई है कि यशपाल आर्य की करीबी जिला पंचायत अध्यक्ष समेत कई नेता भाजपा को बाय कर सकते हैं।

Bansal Saree

कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य और उनके पुत्र विधायक संजीव आर्य का भाजपा से मोह भंग हो चुका है। उन्होंने फिर से घर वापसी कर ली है। ऐसे में ऊधमसिंह नगर के सियासी समीकरण बदलने की पूरी संभावना बन गई है। श्री आर्य के करीबी रहे नेता भी घर वापसी कर सकते हैं। यहां बता दें कि तत्कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी प्रसाद गंगवार और सुरेश गंगवार को आर्य ने ही भाजपा में शामिल कराया था। अब सुरेश गंगवार की पत्नी रेनू गंगवार जिला पंचायत की अध्यक्ष हैं। सूत्रों की माने तो जिला पंचायत अध्यक्ष होने के बावजूद जिले के अधिकारी उन्हें खास तबज्जो नहीं दे रहे हैं। दो घटनाक्रम ऐसे हैं जिनमें उन्हें मुंह की खानी पड़ी।  पहला एसएसपी का बोर्ड की बैठक से दो मिनट में उठ कर चले जाना और दूसरा पूरी जिला पंचायत के सदस्यों के कलेक्ट्रेट पर धरने के बाद भी डीएम का धरना स्थल पर न आना। उस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष के पति मुख्यमंत्री को फोन भी लगाते रहे। इसके अलावा जिला योजना का बजट जिला पंचायत से छीनना भी बड़ा मुद्दा है।

ऐसे में इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि यशपाल आर्य जिला पंचायत अध्यक्ष की इस नाराजगी को भुनाने का काम करेंगे। जिला पंचायत अध्यक्ष यदि घर वापसी करते हैं तो जिले की सियासी तस्वीर बदल जाएगी।

पूर्व में यशपाल आर्य की टीम का हिस्सा रहे उपेंद्र चौधरी व अन्य कई नेताओं को भी श्री आर्य कांग्रेस में लाने का प्रयास करेंगे, इस बात की पूरी संभावना बनी हुई है। यहां बता दें कि यशपाल आर्य एक कद्दावर नेता हैं जो जिले की नहीं, बल्कि प्रदेश के राजनीतिक समीकरण बदलने की क्षमता रखते हैं। बहरहाल ऊधमसिंह नगर में तो सियासी उलट-फेर निश्चित होगा ।

Devi Maa Dental