अल्मोड़ा-महाकुंभ में गागर व कलश पर ऐसे बिखेरी चमक, अब दो छात्राओं को मिला ये सम्मान

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अल्मोड़ा-महाकुंभ में  ताम्रनगरी अल्मोड़ा के गागरों व कलशों की चमक बिखरी थी। पुलिस मुख्यालय ने उपेक्षित पड़े शिल्पियों की हौसला बढ़ाने के लिए खासतौर पर हाथों से बने फौले बनवाए थे। इन गागरों व कलशों को नगर की दो बेटियों ने उत्तराखंड की अनूठी लोकविधा ऐपण से डिजाइन किए थे। 

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आइजी संजय सिंह गुंज्याल ने लोकल फॉर वोकल को महत्व देते हुए ताम्र शिल्पी नवीन टम्टा के साथ ही ऐपण कला में पारंपगत काजल व मीनाक्षी को लोकल फॉर वोकल के लिए प्रशस्तिपत्र दिए हैं। महाकुंभ के लिए आइजी गुंज्याल ने एसएसपी पंकज भट्ट को श्लोकल फॉर वोकल को प्राथमिकता देते हुए हाथों से बने पारंपरिक गागर व कलश बनवाने को कहा था। विरासत में मिले ताम्र शिल्प को संजोए नवीन टम्टा व उनके स्वजनों ने एक माह में अपने पुराने कारखाने में 350 गागर व फौले तैयार किया। 

इन पवित्र ताम्र फौलों को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की पूर्व छात्राओं मीनाक्षी आगरी व काजल त्रिकोटी ने उत्तराखंडी लोकविधा ऐपण के माध्यम से सुंदर डिजाइन देकर सजाया था।आइजी गुंज्याल ने ताम्र शिल्प को धरोहर की भांति जिंदा रखे शिल्पी नवीन टम्टा व ऐपण कला को बढ़ावा दे रही दोनों छात्राओं को पुरस्कृत किया है। एसएसपी पंकज भट्ट ने आज तीनों प्रतिभाओं को आइजी की ओर से भेजे गए प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया।

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