चारधाम यात्रा 2021: इस तारीख को बंद  होंगे चार धाम के कपाट, जानिए कब तक कर सकते हैं यात्रा

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 सालभर इंतजार के बाद श्रद्धालुओं के लिये ये सुनहरा अवसर आता है जब वे चार धाम यात्रा करते हैं। इस वर्ष कोविड मामलों की कमी के चलते प्रशासन द्वारा उत्तराखंड के चार धाम की यात्रा करने के लिए छूट दे दी गई लेकिन अब दर्शन करने के बाद चार धाम के कपाट बंद होने जा रहे हैं। श्री केदारनाथ धाम एवं श्री यमुनोत्री धाम के कपाट परंपरागत रूप से 6 नवंबर भैयादूज को शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे।वहीं विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि शुक्रवार को विजय दशमी के दिन विधि-विधान से पंचाग गणना के बाद तय की जाएगी। 

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उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि शीतकाल के लिए बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि हर साल विजय दशमी के दिन तय की जाती है। शुक्रवार को विजय दशमी पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि की घोषणा की जाएगी। इसके अलावा पंच पूजाओं का कार्यक्रम, श्री उद्धव जी एवं कुबेर जी के पांडुकेश्वर आगमन और आदि गुरु शंकराचार्य जी की गद्दी के श्री नृसिंह मंदिर जोशीमठ आने का कार्यक्रम भी घोषित होगा।

हरीश गौड़ ने बताया कि परंपरा के अनुसार केदारनाथ धाम व यमुनोत्री मंदिर के कपाट भैया दूज को बंद हो जाते हैं। इसलिए इस साल दोनों धाम के कपाट भैया दूज के अवसर आगामी छह नवंबर को बंद हो जाएंगे। जबकि हर साल की तरह इस साल भी गंगोत्री मंदिर के कपाट गोवर्धन पूजा या अन्नकूट पर्व पर पांच नवंबर को शीतकाल हेतु बंद हो जाएंगे।इसी तरह द्वितीय केदार मद्महेश्वर व तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट बंद होने की तिथि तथा डोली यात्रा कार्यक्रम और श्री मद्महेश्वर मेला की तिथि भी विजयदशमी के अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में तय होगी।

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17 अक्तूबर को बंद हाेंगे रुद्रनाथ मंदिर के कपाट
चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट कार्तिक सक्रांति के पावन पर्व पर 17 अक्तूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। उसी दिन भगवान रुद्रनाथ की उत्सव डोली पनार बुग्याल और सगर गांव होते हुए शीतकालीन गद्दीस्थल गोपीनाथ मंदिर (गोपेश्वर) में पहुंचेगी। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष अनसूया प्रसाद भट्ट और रुद्रनाथ मंदिर के पुजारी धर्मेंद्र तिवारी ने यह जानकारी दी।