देहरादून- खनन कारोबारियों के लिए बड़ी राहत, सरकार ने जारी किये ये नये आदेश

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प्रदेश सरकार ने नए आदेश से खनन कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। पुराने आदेश को पलट क्रशर के अलावा अन्य जगहों पर भी आरबीएम भंडारण की अनुमति दी है। जुलाई 2020 के बाद से रेते के अलावा अन्य भंडारण पर पाबंदी थी। अब खनन सत्र खुलने से पहले ही यह आदेश जारी कर खनन कारोबारियों की परेशानी को दूर कर दिया गया है। सवा साल बाद पुराना सिस्टम फिर से लागू कर दिया गया है।

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क्रशर संचालक नदी से निकलने वाले आरबीएम को खरीदते हैं। प्लांट में मशीनों की मदद से पत्थर, रेत और मिट्टी को अलग किया जाता है। पत्थरों से अलग-अलग एमएम की गिट्टी बनाई जाती है। पहले क्रशर संचालकों के अलावा निजी स्टाकिस्ट व अन्य लोग भी आरबीएम भंडारण कर लेते थे। यहां से रेता की कभी भी बिक्री हो जाती थी। लेकिन आरबीएम को बरसात शुरू होने पर क्रशर संचालकों को बेचा जाता था। स्टाक की मात्रा बढ़ाने के लिए क्रशर संचालक नदी के बाहर सड़क किनारे किराये के मैदानों में भी भंडारण करते थे। ताकि प्लांट में मौजूद उपखनिज खत्म होने पर बाहर से डिमांड पूरी हो सके।

लेकिन जुलाई 2020 में शासन से आदेश जारी हुआ कि आबीएम का भंडारण सिर्फ क्रशर संचालक करेंगे। वह भी अपने प्लांट के अंदर। बाहर किसी निजी जमीन पर अनुमति नहीं मिलेंगी। इसके अलावा स्टाकिस्टों के लिए भी सिर्फ रेते के भंडारण व बिक्री के आदेश जारी कर दिए गए। हालांकि, अब फैसला बदल दिया गया है। उपनिदेशक खनन राजपाल लेघा ने बताया कि अब अनुमति लेकर सभी आरबीएम का स्टाक कर सकते हैं।

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