''चारधाम यात्रा - रील पर रोक, लिव इन रिलेशन पर सख़्ती के साथ धामी सरकार ने लिए यह फैसले''

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उत्तरखंड - ( जिया सती ) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में एक बयान में कहा कि उनकी सरकार ने 2022 के चुनाव में किए गए वचन को पूरा किया है और राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू किया है। उन्होंने यह भी कहा कि लिव इन रिलेशनशिप के विरोध पर सरकार पीछे नहीं हटेगी, लेकिन सुझावों का स्वागत करेगी।

मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा के दौरान रील कल्चर पर रोक के बारे में भी बात की और कहा कि तीर्थांटन और पर्यटन के फर्क को समझना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि चारधाम यात्रा विशुद्ध रूप से यात्रा होनी चाहिए और इसके लिए नियम बने हैं।

उत्तराखंड राज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती आपदाएं हैं, जैसे कि बादल फटने, भूस्खलन, हिमस्खलन की घटनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इसके लिए तैयार है और सिलक्यारा टनल हादसे के दौरान पीएम मोदी के मार्गदर्शन से यह ऑपरेशन सफल रहा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण और डेमोग्राफी में बदलाव रोकने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इनमें सत्यापन अभियान, यूसीसी लागू करना, लैंड जिहाद रोकने के लिए अतिक्रमण हटाना और जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून बनाना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में वक्फ कानून भी लागू किया जाएगा और देवभूमि की पवित्रता बनी रहनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार कानून पर चलने वाले लोग हैं और इसलिए विरोध नहीं होता।

मुख्यमंत्री के बयान से यह स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड सरकार राज्य की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण और डेमोग्राफी में बदलाव रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।

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