हल्द्वानी-बच्चों को पढ़ाते-पढ़ाते कमल ने पास की लोअर पीसीएस परीक्षा, चुनौतियों का सामना कर ऐसे मिली सफलता

हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क-(जीवन राज)- परिश्रम का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता हैं। कुछ कर दिखाने का सपना या लक्ष्य पाने का सपना केवल परिश्रम के द्वारा ही पूरा किया जा सकता हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया मूलरूप से बागेश्वर (गरूड़) निवासी कमल तिवारी ने। कमल तिवारी ने अपने पहले ही प्रयास में लोअर पीसीएम की
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हल्द्वानी-बच्चों को पढ़ाते-पढ़ाते कमल ने पास की लोअर पीसीएस परीक्षा, चुनौतियों का सामना कर ऐसे मिली सफलता

हल्द्वानी-न्यूज टुडे नेटवर्क-(जीवन राज)- परिश्रम का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता हैं। कुछ कर दिखाने का सपना या लक्ष्य पाने का सपना केवल परिश्रम के द्वारा ही पूरा किया जा सकता हैं। कुछ ऐसा ही कर दिखाया मूलरूप से बागेश्वर (गरूड़) निवासी कमल तिवारी ने। कमल तिवारी ने अपने पहले ही प्रयास में लोअर पीसीएम की परीक्षा पास कर ली। उनका चयन खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग के लिए हुआ है। बेटे की सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। कमल को बधाई देने वालों का तांता लगा है। कमल बचपन से ही पढ़ाई के प्रति बड़े वफादार थे। इसकी का फल उन्हें पहली बार लोअर पीसीएस एग्जाम पास करके मिला।

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हल्द्वानी-बच्चों को पढ़ाते-पढ़ाते कमल ने पास की लोअर पीसीएस परीक्षा, चुनौतियों का सामना कर ऐसे मिली सफलता

हल्द्वानी में किराये पर रहे है कमल

न्यूज टुडे नेटवर्क से खास बातचीत में कमल तिवारी ने बताया कि वह वर्तमान में हल्द्वानी में जर्ज फार्म में किराये के मकान में रहते है। उनके पिता एनबी तिवारी एक प्राइवेट कंपनी में काम करते है वहीं माता राधा तिवारी गृहणी है। कमल तिवारी डहरिया स्थित आनंदा एकाडेमी स्कूल में जॉब करते है। जहां वह बच्चों को सामाजिक विज्ञान पढ़ाते है। आनंदा में कमल वर्ष 2012 से कार्यरत है। उन्होंने अपनी शुरूआती शिक्षा एचएन इंटर कालेज हल्द्वानी से पूरी की। इसके बाद उन्होंने एमबीपीजी डिग्री कॉलेज से विज्ञान वर्ग से स्तानक और इतिहास से एमए की परीक्षा पास की। बाद में बीएड और डीएलएड का कोर्स किया। साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट गये।

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पहले प्रयास में मिली सफलता

तीन भाई-बहनों में बीच के कमल तिवारी अपने लक्ष्य को लेकर काफी मेहनत कर रहे थे। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में लोअर पीसीएस का एग्जाम पास कर लिया। इससे पहले वह लेक्चरार, सीडीएस, एसएसबी, एसबीआई समेत कई बड़े प्रतियोगी परीक्षा को पास कर इंटरव्यू तक पहुंचे लेकिन सफलता हाथ नहीं लगी। वह लगातार अपनी तैयारी में जुटे रहे। दिन के समय स्कूल में बच्चों को पढ़ाना। उसके बाद अपनी पढ़ाई के लिए समय निकालना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। लेकिन अपनी मेहनत के दम पर कमल ने इन सभी बंाधाओं को पार कर पीसीएस परीक्षा में अपना परचम लहरा दिया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता एवं आनंदा एकाडेमी को दिया है।