देहरादून- जाने क्या है गोवर्धन पूजा का पूरा विधि विधान, पूजन की ये है विशेष मान्यता

गोवर्धन पूजा यानी अन्नकूट का त्योहार आज मनाया जा रहा है। ये पर्व दीपावली के ठीक एक दिन बाद मनाया जाता है। इस दिन गौ पूजा का खास महत्व माना जाता है। माना जाता है कि गोवर्धन पूजा के दिन गौ पूजा करने और गाय को अन्न, वस्त्र उपहार स्वरूप देने से घर में सुख-समृद्धि
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देहरादून- जाने क्या है गोवर्धन पूजा का पूरा विधि विधान, पूजन की ये है विशेष मान्यता

गोवर्धन पूजा यानी अन्नकूट का त्योहार आज मनाया जा रहा है। ये पर्व दीपावली के ठीक एक दिन बाद मनाया जाता है। इस दिन गौ पूजा का खास महत्व माना जाता है। माना जाता है कि गोवर्धन पूजा के दिन गौ पूजा करने और गाय को अन्न, वस्त्र उपहार स्वरूप देने से घर में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण को छप्पन भोग भी लगाया जाता है।

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मान्यता है कि आज ही के दिन भगवान कृष्‍ण ने ब्रजवासियों की रक्षा के लिए अपनी दिव्य शक्ति से विशाल गोवर्धन पर्वत को छोटी उंगली में उठाकर हजारों जीव-जतुंओं और ब्रजवासियों को भगवान इंद्र के कोप से बचाया था। इसके बाद इंद्र देव का घमंड चूर-चूर हुआ था और उन्होंने गोवर्द्धन पर्वत की पूजा भी की थी। तब से ही इस पर्व को गोवर्धन पूजा के रूप में मनाया जाता है।

गोवर्धन पूजा विधि

गोवर्धन पूजा के दिन सुबह शरीर पर तेल लगाकर स्नान करना चाहिए। घर के मुख्य द्वार पर गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं। पास में ग्वाल बाल, पेड़-पौधों की भी चित्र बनाएं। उसके बीच में भगवान कृष्ण की मूर्ति रख दें। इसके बाद भगवान कृष्ण, ग्वाल-बाल और गोवर्धन पर्वत का पूजन करें। पकवान और पंचामृत का भोग लगाएं और गोवर्धन पूजा की कथा सुनें। कथा सुनने के बाद लोगों में प्रसाद बांटने चाहिए।

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