डॉ पंत को मिला वृक्षमित्र सम्मान, निस्वार्थ भाव से हर वर्ष लगाते हैं इतने पेड़…

देरादून-न्यूज टुडे नेटवर्क : 22 अप्रैल 2019 को नैनीताल जिले के रामनगर में पर्यावरण को समर्पित संस्था कल्पतरु का तृतीय वार्षिक समारोह सम्पन्न हुआ। यह संस्था हरियाली बढ़ाने के संकल्प को लेकर बहुत ही अनुकरणीय कार्य कर रही है। इसमें बैंकर, शिक्षक, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी, व्यापारी, पूर्व सैनिक व अन्यान्य क्षेत्रों से जुड़े लोग निस्वार्थ
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डॉ पंत को मिला वृक्षमित्र सम्मान, निस्वार्थ भाव से हर वर्ष लगाते हैं इतने पेड़…

देरादून-न्यूज टुडे नेटवर्क : 22 अप्रैल 2019 को नैनीताल जिले के रामनगर में पर्यावरण को समर्पित संस्था कल्पतरु का तृतीय वार्षिक समारोह सम्पन्न हुआ। यह संस्था हरियाली बढ़ाने के संकल्प को लेकर बहुत ही अनुकरणीय कार्य कर रही है। इसमें बैंकर, शिक्षक, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी, व्यापारी, पूर्व सैनिक व अन्यान्य क्षेत्रों से जुड़े लोग निस्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं। कल्पतरु संस्था के प्रयासों से रामनगर हल्द्वानी मार्ग पर वन भूमि पर ढाई हजार से अधिक द्घद्बष्ह्वह्य प्रजाति के पेड़ लगाए गए हैं, बल्कि ना केवल लगाए गए संस्था के सदस्य लगातार इनकी देखभाल भी कर रहे हैं। इनके प्रयासों से कुछ समय मे यहां एक सघन वन तैयार होने की आशा है।

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डॉ पंत को मिला वृक्षमित्र सम्मान, निस्वार्थ भाव से हर वर्ष लगाते हैं इतने पेड़…

1995 से मैती अभियान चलाया

ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे भी संस्था के साथ काम करने का अवसर मिला। वार्षिकोत्सव के अवसर पर संस्था द्वारा मुझे इस वर्ष का वृक्षमित्र सम्मान दिया गया जिसके लिए में आभारी हूँ। इस अवसर पर मुख्य वक्ता श्री कल्याण सिंह रावत ” मैती” जी थे। उन्होंने गढ़वाल में 1995 से मैती अभियान चलाया है जिसके तहत वहां हर विवाह के अवसर पर वर वधु द्वारा एक फलदार पौधा रोपा जाता है जिसकी देखभाल मायके वाले करते हैं । ये भी पर्यावरण संरक्षण में एक बहुत अच्छा योगदान है। मैती जी ने विस्तार से अपने अनुभव बांटे।

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डॉ आशुतोष पंत, आयुर्वेद चिकित्सक/ पर्यावरण कार्यकर्ता का कहना है कि वह पिछले कई वर्षों से शादी विवाह , नामकरण या गृहप्रवेश आदि अवसरों पर पौधे भेंट करता हूँ। यह मेरे प्रतिवर्ष 15 हजार पेड़ लगाने के लक्ष्य से अलग है। जो भी जैसे भी बन पड़े हमें धरती को बचाने के लिए हरियाली बढ़ानी है। कल्पतरु जैसी समर्पित संस्था से सीख लेने की जरूरत है।