देहरादून- पढ़े भारतीय लेखक रस्किन बॉन्ड का पूरा जीवन परिचय, इस खास काम के लिए मिला पद्मश्री और पद्मभूषण अवार्ड

रस्किन बॉन्ड ब्रिटिश मूल के एक विजेता भारतीय लेखक हैं। जिनकी लिखी किताबों पर अधारित कई फिल्में भी भारतीय सिनेमा में बन चुकी है। 19 मई 1934 को हिमाचंल प्रदेश के कसौली में जन्में रस्किन बॉन्ड की पढ़ाई हिमांचल के एक स्कूल से हुई, वही अपनी आगे की पढ़ाई उन्होंने लंडन से पूरी की। 17
 | 
देहरादून- पढ़े भारतीय लेखक रस्किन बॉन्ड का पूरा जीवन परिचय, इस खास काम के लिए मिला पद्मश्री और पद्मभूषण अवार्ड

रस्किन बॉन्ड ब्रिटिश मूल के एक विजेता भारतीय लेखक हैं। जिनकी लिखी किताबों पर अधारित कई फिल्में भी भारतीय सिनेमा में बन चुकी है। 19 मई 1934 को हिमाचंल प्रदेश के कसौली में जन्में रस्किन बॉन्ड की पढ़ाई हिमांचल के एक स्कूल से हुई, वही अपनी आगे की पढ़ाई उन्होंने लंडन से पूरी की। 17 साल की उम्र में रस्किन बॉन्ड ने अपना पहला उपननियास “रुम ऑफ का रूफ” लिखा था।

Devi Maa Dental

देहरादून- पढ़े भारतीय लेखक रस्किन बॉन्ड का पूरा जीवन परिचय, इस खास काम के लिए मिला पद्मश्री और पद्मभूषण अवार्ड

जिसके लिए उन्हें “जॉन लियोइन राईस” अवार्ड दिया गया। वही लंदन में मन नहीं लगने के कारण वे दोबारा भारत आकर बस गए। रस्किन बॉन्ड ने अभी तक 500 से भी अधिक लघु कथाएँ, निबंध और उपन्यास लिखे हैं। उनका लोकप्रिय उपन्यास ‘द ब्लू अम्ब्रेला’ हैं जिस नाम की एक हिंदी फिल्म भी बनाई गयी थी। जिसे 2007 में सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

Bansal Saree

रस्किन बॉन्ड बच्चों के लिए 50 से अधिक पुस्तकों और आत्मकथा के दो खंड के लेखक भी हैं। रस्किन भारत में बच्चों के साहित्य को बढ़ावा देने में उनकी भूमिका के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं। भारत में एक लोकप्रिय लेखक के रूप में प्रसिद्ध हुए रस्किन बॉन्ड को 1999 में पद्मश्री और 2014 में पद्म भूषण अवार्ड से सम्मानित किया गया।

बता दें कि बॉलीवुड निर्देशक विशाल भारद्वाज ने 2007 में बच्चों के लिए अपने उपन्यास, द ब्लू अम्ब्रेला पर आधारित एक फिल्म बनाई। इस फिल्म ने सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार जीता। हिंदी फिल्म “7 खून माफ”, रस्किन बॉन्ड की लघु कहानी सुसन्ना के सात पतियों पर आधारित है।