कप्तान एल्गर ने डीआरएस को लेकर कहा, कुछ समय के लिए भारतीय टीम खेल के बारे में भूल गई थी

केप टाउन, 15 जनवरी (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान डीन एल्गर का मानना है कि भारत ने डीआरएस को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।
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कप्तान एल्गर ने डीआरएस को लेकर कहा, कुछ समय के लिए भारतीय टीम खेल के बारे में भूल गई थी केप टाउन, 15 जनवरी (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका के कप्तान डीन एल्गर का मानना है कि भारत ने डीआरएस को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की थी।

उन्होंने कहा, स्टंप माइक के ऊपर टीम ने अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। एल्गर को डीआरएस की समीक्षा में एलबीडब्ल्यू से राहत मिलने के बाद कोहली और कुछ अन्य भारतीय खिलाड़ियों ने स्टंप माइक पर दक्षिण अफ्रीका के ब्रॉडकास्टर और सुपरस्पोर्ट के खिलाफ भला बुरा कहा था।

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अंपायर इरास्मस ने पहले एल्गर को आउट दिया था, लेकिन बॉल-ट्रैकिंग तकनीक से पता चला कि गेंद स्टंप्स से ऊपर जा रही थी और समीक्षा पर निर्णय को पलट दिया गया था।

केपटाउन में तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन, एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका के 212 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 21वें ओवर की चौथी गेंद पर रविचंद्रन अश्विन के एलबीडब्ल्यू के फैसले की समीक्षा की थी।

अंपायर मरैस इरास्मस ने एल्गर को एक गेंद पर एलबीडब्ल्यू करार दिया था, जो कि मिडिल स्टंप के सामने घुटने पर गेंद लगी थी। बॉल को ट्रैक करते समय ट्रैकिंग तकनीक से पता चला की गेंद स्टंप्स के ऊपर से गुजरी है, जिससे निर्णय पलट गया।

इसका नतीजा यह हुआ कि भारतीय टीम ने स्टंप के माइक के जरिए अपने गुस्से को बाहर निकाला। हालांकि, एल्गर को बाद में जसप्रीत बुमराह ने स्टंप्स पर आउट कर दिया, लेकिन दक्षिण अफ्रीका को चौथे दिन जीत के लिए सिर्फ 111 रनों की जरूरत थी, जिसमें उन्होंने शुक्रवार को जीत हासिल कर ली।

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जाहिर है कि भारतीय टीम तीसरा टेस्ट जीतना चाहती थी और टीम दबाव में थी। चीजें अपने तरीके से नहीं चल रही थीं, वे काफी देर से खेल को बदलने की कोशिश करते रहे, लेकिन टीम बदलने में कामयाब नहीं रही। टीम को जीत के लिए थोड़े और रन की आवश्यकता थी, जो नहीं बना पाई।

सेंचुरियन में 113 रन से पहला टेस्ट हारने के बाद, दक्षिण अफ्रीका ने अगले मैच में वापसी करते हुए भारतीय टीम को सीरीज में हरा दिया और तीन मैच की सीरीज में टीम ने दो मैच अपने नाम कर लिए। एल्गर ने जोहान्सबर्ग में सात विकेट की जीत के बाद कहा था कि उन्होंने कगिसो रबाडा से अच्छे प्रदर्शन के लिए बातचीत की थी, जिसमें वे सफल हुए।

बातचीत के बारे में और ज्यादा पूछे जाने पर एल्गर ने बताने से इंकार कर दिया। मैं इस बारे में कुछ भी नहीं बता सकता क्योंकि टीम में क्या होता है, वो टीम के अंदर ही रहता है। मूल रूप से, पहला टेस्ट हारने के बाद, हम जानते थे कि खिलाड़ी अपने खेल को बदलेंगे और वैसा ही हुआ।

मुझे खुशी है और इस बात से राहत मिली कि सभी लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी, उसके लिए मैं आभारी हूं।

टीम में रबाडा और अन्य खिलाड़ियों के साथ बातचीत की प्रकृति के बारे में बोलते हुए एल्गर ने कहा, आपको प्रत्येक खिलाड़ी के साथ टीम के अंदर आपसी सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि मैं उनके साथ बहुत अच्छे तरीके से जुड़ना चाहता हूं, एक विशेष तरीका जहां लोग सोचते हैं कि एल्गर सही कारणों से ऐसा कर रहे हैं। आपको एक-दूसरे का सम्मान करने की आवश्यकता है, चाहे वह किसी भी उम्र का हो और आप कितने समय से खेल खेल रहे हों।

--आईएएनएस

एचएमए/एएनएम