ओलंपिक : खेल गांव में लगाए गए कार्डबोर्ड बेड सेक्स विरोधी नहीं

टोक्यो, 19 जुलाई (आईएएनएस)। टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों के आयोजकों ने गेम्स विलेज में जो कार्डबोर्ड बेड उपलब्ध कराए हैं, उनमें टोक्यो के खिलाड़ियों को एक समूह ने सेक्स विरोधी करार दिया है, जबकि दूसरे ने उन्हें मजबूत और पर्यावरण के लिहाज से अच्छा बतया है क्योंकि वे रिसाइक्लेबल हैं।
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ओलंपिक : खेल गांव में लगाए गए कार्डबोर्ड बेड सेक्स विरोधी नहीं टोक्यो, 19 जुलाई (आईएएनएस)। टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों के आयोजकों ने गेम्स विलेज में जो कार्डबोर्ड बेड उपलब्ध कराए हैं, उनमें टोक्यो के खिलाड़ियों को एक समूह ने सेक्स विरोधी करार दिया है, जबकि दूसरे ने उन्हें मजबूत और पर्यावरण के लिहाज से अच्छा बतया है क्योंकि वे रिसाइक्लेबल हैं।

आयरिश जिमनास्ट रायस मैक्लेनाघन ने खुद को बार-बार बिस्तर पर कूदते हुए फिल्माया और वीडियो को ट्वीट करते हुए दावा किया कि बिस्तर की मजबूती पर सवाल उठाने वाली रिपोर्ट फर्जी खबर है।

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न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि बेड जानबूझ कर कमजोर बनाया गया है जिससे कि इस पर सेक्स न किया जा सके और सामाजिक दूरी सुनिश्चित की जा सके। रिपोर्ट अमेरिकी धावक पॉल चेलिमो के एक ट्वीट पर आधारित थी, जिन्होंने कहा था कि कार्डबोर्ड बेड एथलीटों को अंतरंगता से बचने के उद्देश्य से बनाए गए हैं।

लेकिन मैक्लेनाघन ने अपने वीडियो से इस दावे को खारिज कर दिया।

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मैक्लेनाघन ने ट्विटर पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, बिस्तर सेक्स विरोधी होने के लिए होते हैं। वे कार्डबोर्ड से बने होते हैं, हां, लेकिन जाहिर तौर पर वे अचानक मूवमेंट से टूटने के लिए होते हैं। यह नकली - नकली खबर है!

आधिकारिक ओलंपिक ट्विटर हैंडल ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और मिथक को खत्म करने के लिए मैक्लेनाघन को धन्यवाद दिया।

मैक्लेनाघन के अलावा खिलाड़ियों के एक अन्य समूह ने महसूस किया कि कार्डबोर्ड बेड पर्यावरण को देखते हुए एक अच्छा विचार हैं।

--आईएएनएस

जेएनएस